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प्राधिकरण के मामले में सीएम बोल रहे सफेद झूठ
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बागेश्वर में पत्रकारों से वार्ता करते प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के पदाधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। प्राधिकरण हटाओ मोर्चा बागेश्वर ने जिला विकास प्राधिकरण को लेकर दिए सीएम के बयान पर मोर्चा खोल दिया है। सीएम के बयान को सफेद झूठ बताते हुए कहा है कि इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने 19 फरवरी के बागेश्वर दौरे में कहा था कि प्राधिकरण सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर बनाया गया है।
मोर्चा अध्यक्ष प्रमोद मेहता और सचिव पंकज पांडे ने पत्रकारों से बातचीत में सीएम के बयान की निंदा की। कहा कि मुख्यमंत्री का बयान सरासर झूठ और जनता को गुमराह करने वाला है। कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने कभी भी इस तरह की गाइड लाइन नहीं दी। सरकार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दे रही है।
18 दिसंबर 2017 को दिए इस आदेश में हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्ग से लगे देवप्रयाग, सोनप्रयाग, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर के विकास का मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए थे, जबकि सरकार ने पूरे राज्य में 13 नवंबर 2017 को विकास प्राधिकरण लागू कर दिया था।
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मोर्चा अध्यक्ष मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता को गुमराह करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का नाम घसीटा है। पूरे प्रमाणों के साथ इसकी शिकायत सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी। मोर्चा के प्रवक्ता रमेश पांडे कृषक ने कहा कि प्राधिकरण से पलायन को बढ़ावा मिल रहा है।
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मोर्चा अध्यक्ष प्रमोद मेहता और सचिव पंकज पांडे ने पत्रकारों से बातचीत में सीएम के बयान की निंदा की। कहा कि मुख्यमंत्री का बयान सरासर झूठ और जनता को गुमराह करने वाला है। कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने कभी भी इस तरह की गाइड लाइन नहीं दी। सरकार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दे रही है।
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18 दिसंबर 2017 को दिए इस आदेश में हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्ग से लगे देवप्रयाग, सोनप्रयाग, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर के विकास का मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए थे, जबकि सरकार ने पूरे राज्य में 13 नवंबर 2017 को विकास प्राधिकरण लागू कर दिया था।
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मोर्चा अध्यक्ष मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता को गुमराह करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का नाम घसीटा है। पूरे प्रमाणों के साथ इसकी शिकायत सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी। मोर्चा के प्रवक्ता रमेश पांडे कृषक ने कहा कि प्राधिकरण से पलायन को बढ़ावा मिल रहा है।