फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Civic aminities- people face problems.

Bageshwar News: हादसों को दावत दे रहे जर्जर बिजली के खंभे

Tue, 13 Jun 2023 12:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Tue, 13 Jun 2023 12:20 AM IST
विज्ञापन
Civic aminities- people face problems.
अल्मोड़ा। नगर के लोग जर्जर बिजली के खंभों के सहारे गुजर रही बिजली लाइन के नीचे आवाजाही को मजबूर हैं। नगर में अधिकांश रास्तों पर जर्जर बिजली के खंभे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं जिन्हें बदलने के लिए बजट नहीं है। ऐसे में खतरा बढ़ गया है जिससे यूपीसीएल और प्रशासन अंजान है।
विज्ञापन


सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर खतरा बने जर्जर बिजली के खंभों की पड़ताल की। नगर में 40 से अधिक खंभे ऐसे मिले जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, उनके गिरने का खतरा बना हुआ है। माल रोड स्थित पीएनबी बैंक के समीम खड़ा बिजली का पोल नीचे से गल चुका है तो जाखन देवी में सड़क किनारे स्थित खंभा आधा झुका हुआ है। एसएसजे परिसर को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर एक खंभा लंबे समय से पेड़ के सहरे खड़ा है। वहीं अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच पर खोल्टा, कर्नाटक खोला और एसएसजे परिसर के आवसीय परिसर में जर्जर बिजली के खंभे किसी बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रहे हैं। आंधी-तूफान और अन्य किसी कारण से ये जर्जर खंभे गिरे तो बड़ी घटना हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि यूपीसीएल को जर्जर पोलों की जानकारी तो है लेकिन इन्हें बदलने के लिए बजट का रोना रोया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन


जर्जर खंभों से यूपीसीएल कर्मियों को भी खतरा
अल्मोड़ा। जिले में जर्जर बिजली के खंभे यूपीसीएल कर्मियों के लिए भी किसी खतरे से कम नहीं है। खराबी को दूर करने के लिए कर्मी इन खंभों पर चढ़ते हैं जिससे इनके गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में कर्मी जान जोखिम में डालकर लाइन ठीक करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपीसीएल ने 400 जर्जर बिजली के खंभों को किया है चिह्नित
अल्मोड़ा। यूपीसीएल ने अल्मोड़ा, जागेश्वर और सोमेश्वर में बिजली के 400 जर्जर खंभों को चिन्हित किया गया है। इन्हें बदलने के लिए 20 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जो चार माह से धूल फांक रहा है। बजट के अभाव में यूपीसीएल के लिए जर्जर खंभों को बदलकर लोगों को खतरे से मुक्ति दिलाना नामुमकिन साबित हो रहा है।


जर्जर हो चुके बिजली के खंभों को बदलने के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही इन्हें बदला जा सकेगा।- कन्हैया जी मिश्रा, ईई, यूपीसीएल, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed