{"_id":"63f3b5da8af7305cb50ac1d1","slug":"civic-aminities-bageshwar-news-hld491107961-2023-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागेश्वर: खड़िया खनन से गांव की पेयजल योजना और रास्ते हो रहे क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागेश्वर: खड़िया खनन से गांव की पेयजल योजना और रास्ते हो रहे क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते छातीखेत के लोग। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। छातीखेत ग्राम पंचायत के अनेरिया तोक में खड़िया खनन होने के कारण गांव की पेयजल लाइन और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने और आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन देकर खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने और समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
सोमवार को ग्राम प्रधान महेश चंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि खनन के मलबे से पूर्व में बनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत लोगों को अब तक कनेक्शन नहीं मिले हैं। पुरानी पेयजल लाइन टूटने से लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव को जाने वाला मुख्य पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। पट्टाधारक की ओर से खनन का मलबा नाले में फेंका जा रहा है जिससे छातीखेत नहर और शिव मंदिर के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
खनन से प्राकृतिक जल स्रोतों को भी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने रात के समय भी खान में भारी मशीन से खनन होने की शिकायत दर्ज कराई और जल्द सभी समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की। इस मौके पर भूपाल सिंहए प्रताप सिंहए मदन सिंहए प्रकाश कालाकोटीए मेघा कालाकोटीए रीता देवीए खष्टी देवीए नीमा देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को ग्राम प्रधान महेश चंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि खनन के मलबे से पूर्व में बनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत लोगों को अब तक कनेक्शन नहीं मिले हैं। पुरानी पेयजल लाइन टूटने से लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव को जाने वाला मुख्य पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। पट्टाधारक की ओर से खनन का मलबा नाले में फेंका जा रहा है जिससे छातीखेत नहर और शिव मंदिर के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
विज्ञापन
खनन से प्राकृतिक जल स्रोतों को भी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने रात के समय भी खान में भारी मशीन से खनन होने की शिकायत दर्ज कराई और जल्द सभी समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की। इस मौके पर भूपाल सिंहए प्रताप सिंहए मदन सिंहए प्रकाश कालाकोटीए मेघा कालाकोटीए रीता देवीए खष्टी देवीए नीमा देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन