{"_id":"6ac14a09a1a9af4c120eb19e","slug":"crowd-of-devotees-thronged-the-banks-of-the-saryu-on-ashtami-tithi-bageshwar-news-c-231-1-bgs1005-128491-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: अष्टमी तिथि पर सरयू तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: अष्टमी तिथि पर सरयू तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Sun, 04 Oct 2026 12:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के सरयू तट पर श्राद्ध करते लोग।
बागेश्वर। श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर शनिवार को अष्टमी तिथि के श्राद्ध पर प्रसिद्ध तीर्थनगरी बागनाथ स्थित पवित्र सरयू तट पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पवित्र नदी में स्नान कर अपने पितरों का विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के सानिध्य में पूजा-अर्चना कर पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए भगवान शिव व सरयू मां से प्रार्थना की।
शास्त्रों में श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि पर पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराने का विशेष महत्व बताया गया है। इसी क्रम में शनिवार तड़के से ही सरयू तट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था जो दोपहर तक अनवरत जारी रहा। तट पर वेद मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने तिल, कुश और जल हाथ में लेकर पितरों को जलांजलि अर्पित की। सरयू तट के साथ-साथ कई लोगों ने अपने घरों में भी पुरोहितों को बुलाकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए और पितरों का स्मरण कर भोजन कराया। श्रद्धालुओं ने अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हुए पितरों से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद मांगा। दिनभर पवित्र तट पर पूरी तरह भक्तिमय माहौल बना रहा।
विज्ञापन
शास्त्रों में श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि पर पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराने का विशेष महत्व बताया गया है। इसी क्रम में शनिवार तड़के से ही सरयू तट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था जो दोपहर तक अनवरत जारी रहा। तट पर वेद मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने तिल, कुश और जल हाथ में लेकर पितरों को जलांजलि अर्पित की। सरयू तट के साथ-साथ कई लोगों ने अपने घरों में भी पुरोहितों को बुलाकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए और पितरों का स्मरण कर भोजन कराया। श्रद्धालुओं ने अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हुए पितरों से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद मांगा। दिनभर पवित्र तट पर पूरी तरह भक्तिमय माहौल बना रहा।
विज्ञापन