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जीव, जंतु, त्योहार, पहनावे पर शोध कर रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sun, 12 Aug 2018 11:16 PM IST
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बागेश्वर के प्राथमिक विद्यालय घिंघारतोला के नौनिहाल।
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय प्राइमरी स्कूल घिंघारूतोला के बच्चे ‘स्वयं करके सीखें’ कार्यक्रम के तहत खोजी बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। बच्चे हर रोज कुछ न कुछ नया कर दूूसरों के लिए नजीर बन रहे हैं। बच्चों की खोज में मुख्य रूप से पर्यावरण, संस्कृति, स्वच्छता और परंपराएं शामिल हैं।
प्राइमरी स्कूल घिंघारूतोला के बच्चे पर्यावरणीय विषय पर भोजन, पेड़, पौधे, जीव, जंतु, त्योहार, पहनावा, गहने आदि को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। वह अपना वंश वृक्ष भी बना रहे हैं। बच्चे आस-पास की घटनाओं पर हिंदी में कहानियां, कविताएं और पहेलियां रच रहे हैं। बच्चे गीत, प्रार्थना और देशभक्ति के गीतों का भी संकलन कर रहे हैं। अंग्रेजी भाषा में बोलचाल के शब्दों की सूची भी तैयार कर रहे हैं। शिक्षक जगदीश दफौटी बताते हैं कि अंग्रेजी भाषा की पत्रिका का शुुुभारंभ किया गया है। इसमें बच्चे आसपास की घटनाएं, वस्तुओं के प्रति उनका दृष्टिकोण, विचार लिखे गए हैं। इसके अलावा वह गणित की प्रक्रिया को समझने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। दफौटी ने बताया कि बच्चों को रुचिकर शिक्षा के जरिए प्रतियोगी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ब्यूरो
प्राइमरी स्कूल घिंघारूतोला के बच्चे पर्यावरणीय विषय पर भोजन, पेड़, पौधे, जीव, जंतु, त्योहार, पहनावा, गहने आदि को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। वह अपना वंश वृक्ष भी बना रहे हैं। बच्चे आस-पास की घटनाओं पर हिंदी में कहानियां, कविताएं और पहेलियां रच रहे हैं। बच्चे गीत, प्रार्थना और देशभक्ति के गीतों का भी संकलन कर रहे हैं। अंग्रेजी भाषा में बोलचाल के शब्दों की सूची भी तैयार कर रहे हैं। शिक्षक जगदीश दफौटी बताते हैं कि अंग्रेजी भाषा की पत्रिका का शुुुभारंभ किया गया है। इसमें बच्चे आसपास की घटनाएं, वस्तुओं के प्रति उनका दृष्टिकोण, विचार लिखे गए हैं। इसके अलावा वह गणित की प्रक्रिया को समझने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। दफौटी ने बताया कि बच्चों को रुचिकर शिक्षा के जरिए प्रतियोगी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ब्यूरो
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