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सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त होने पर कांग्रेसियों ने खड़े किए सवाल
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बागेश्वर में ईई एके जॉन को सिंचाई नहर की मरम्मत के लिए ज्ञापन सौंपते कांग्रेसी। संवाद न्यूज एजें?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कांग्रेस नेताओं ने कपकोट विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त होने के मामले में सवाल खड़े कर सिंचाई विभाग के ईई एके जौन के सामने विरोध जताया। इस दौरान कांग्रेसियों की ईई के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के ईई से मिले लोगों ने लंबे समय से इलाके की 16 सिंचाई नहरें बंद होने पर सवाल खड़े किए। फर्स्वाण और ऐठानी ने कहा कि नहरों के क्षतिग्रस्त होने से किसान सिंचाई से वंचित हो गए हैं। कमस्यारघाटी की तमाम सिंचाई नहरों के साथ ही ऐठान, आरे, ककड़ात, नरगोली, खाती, गडेरा, बनलेख की सिंचाई नहर लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी है। नहरों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग नहरों के रखरखाव पर उचित ध्यान नहीं दे रहा है।
नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र खेतवाल का कहना था कि तमाम लोग सब्जी उत्पादन कर जीवनयापन करते हैं लेकिन नहरों में पानी न होने से लोग सिंचाई से वंचित हो गए हैं। सिंचाई विभाग के ईई का कहना था कि लोनिवि की पांच और पीएमजीएसवाई डिविजन की आठ सड़कों के निर्माण से नहरों को क्षति पहुंची है। इन महकमों को नहरों की मरम्मत के लिए कहा गया है। बजट न मिलने से नहरों का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने मौके से ही जिलाधिकारी विनीत कुमार को फोन पर नहरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी और नहरों की मरम्मत कराने की मांग की। इन लोगों ने सिंचाई विभाग के ईई को दिए ज्ञापन में तत्काल नहरों की मरम्मत करने को कहा।
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शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के ईई से मिले लोगों ने लंबे समय से इलाके की 16 सिंचाई नहरें बंद होने पर सवाल खड़े किए। फर्स्वाण और ऐठानी ने कहा कि नहरों के क्षतिग्रस्त होने से किसान सिंचाई से वंचित हो गए हैं। कमस्यारघाटी की तमाम सिंचाई नहरों के साथ ही ऐठान, आरे, ककड़ात, नरगोली, खाती, गडेरा, बनलेख की सिंचाई नहर लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी है। नहरों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग नहरों के रखरखाव पर उचित ध्यान नहीं दे रहा है।
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नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र खेतवाल का कहना था कि तमाम लोग सब्जी उत्पादन कर जीवनयापन करते हैं लेकिन नहरों में पानी न होने से लोग सिंचाई से वंचित हो गए हैं। सिंचाई विभाग के ईई का कहना था कि लोनिवि की पांच और पीएमजीएसवाई डिविजन की आठ सड़कों के निर्माण से नहरों को क्षति पहुंची है। इन महकमों को नहरों की मरम्मत के लिए कहा गया है। बजट न मिलने से नहरों का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने मौके से ही जिलाधिकारी विनीत कुमार को फोन पर नहरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी और नहरों की मरम्मत कराने की मांग की। इन लोगों ने सिंचाई विभाग के ईई को दिए ज्ञापन में तत्काल नहरों की मरम्मत करने को कहा।
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