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इलाज के अभाव में एक और ग्रामीण ने तोड़ा दम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:38 PM IST
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राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खातीगांव में लंबे समय से डाक्टर नहीं होने का दंश क्षेत्र की जनता भुगत रही है। इलाज के अभाव में पैठाण गांव के एक और ग्रामीण की मौत हो गई है। ग्रामीणों में डाक्टरों की शीघ्र तैनाती नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों ने बताया राजकीय एलोपैथिक अस्पताल देवतोली में 14 वर्ष से डाक्टर का पद खाली चल रहा है। यहां एमबीएस डाक्टर की जगह आयुर्वेदिक डाक्टर की तैनाती की गई है। सोमवार को पैठाण गांव के शंकरराम का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया। ग्रामीण उसे राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खातीगांव ले जाना चाहते थे, लेकिन उसने इससे पहले ही दम तोड़ दिया।
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ग्रामीणों ने कहा अस्पताल में लंबे समय से डाक्टर नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गत पांच दिन पहले सिमायल गांव के जगदीश राम की मृत्यु हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि डाक्टरों की तैनाती के लिए शासन और स्वास्थ्य विभाग से कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बीडीसी सदस्य नीमा राठौर, कुंदन राम, ग्राम प्रधान सुरेंद्र बनाई, लीला रावत, राम लाल दास, विमला मेहरा, सोहन सिंह भंडारी, सतीश उप्रेती, राजेंद्र राम, पूर्व प्रधान राजेंद्र खाती, फकीर राम, किरांती बोरा, सुरेश रावत, द्रोपदी रौतेला आदि ने मृतक के निधन पर गहरा शोक और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने डाक्टरों की तैनाती शीघ्र नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।