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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   British make the proposed rail route

नहीं बना ब्रिटिशकाल से प्रस्तावित रेल मार्ग

Tue, 01 Dec 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर। Updated Tue, 01 Dec 2015 12:03 AM IST
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 राज्य के प्रस्तावित रेल मार्गों का निर्माण शुरू न होने से क्षेत्र के लोगों में रोष है। बागेश्वर टनकपुर रेल मार्ग संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग समेत राज्य के सभी प्रस्तावित रेल मार्गों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।

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ज्ञापन में समिति का कहना है कि अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में वर्ष 1912 मेें टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग का निर्माण प्रस्तावित किया और टनकपुर से पांच किमी आगे तक मार्ग का निर्माण कर दिया था लेकिन आजादी के बाद प्रगति नगण्य रही है।
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संघर्ष समिति वर्ष 2004 से टनकपुर बागेश्वर रेल मार्ग समेत ऋषिकेश कर्णप्रयाग, रामनगर चौखुटिया, टनकपुर जौलजीबी रेल मार्गों के निर्माण के मामलों को केंद्र सरकार के सामने में रखती रही है। भारत सरकार ने इन मार्गों को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी थी।
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इन मांगों से टनकपुर बागेश्वर, ऋषिकेश कर्णप्रयाग चमोली रेल मार्ग को पिछली सरकार ने राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया ऋषिकेश कर्णप्रयाग चमोली रेल मार्ग के निर्माण के लिए बाकायदा तत्कालीन सरकार ने शिलान्यास भी कर दिया था। मौजूदा समय में इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।

 राज्य की सीमाएं चीन, नेपाल से मिलती हैं। चीन की विस्तारवादी नीति से देश को खतरा है। बागेश्वर समेत पूरे राज्य की 40 प्रतिशत की युवा शक्ति सेना से जुड़कर देश की सेवा में हमेशा तैनात रहते हैं। दो पड़ोसी देशों की सीमा में स्थित होने के कारण टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन का सामरिक महत्व भी बढ़ जाता है।

पिछले लोकसभा चुनाव में राज्य के पांचों सांसद भाजपा सेे होने से नई आशा का संचार हुआ था कि केंद्र सरकार इस मांग को पूरा करेगी, लेकिन इस मामले में कुछ भी नहीं हो सका। समिति ने प्रधानमंत्री से इन लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करनेे की मांग की है।


मांग करने वालों में समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी, महासचिव खड़क राम आर्य, प्रवक्ता हयात सिंह मेहता, गिरीश चंद्र पाठक, केवल सिंह ड्योड़ी, डॉ. प्रताप गढ़िया, प्रवीण दफौटी, मोहन जोशी, केशवानंद जोशी, महेंद्र पिलखवाल, सरस्वती गैलाकोटी, विद्या कांडपाल, मीरा रौतेला, डुंगर सिंह नेगी, मदन सिंह टंगड़िया, लक्ष्मी धर्मशक्तू, तायरा बानू, ललिता असवाल, विद्या कांडपाल आदि शामिल हैं।

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