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तीसरे दिन गुफा से निकाला जीवन का शव
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कांडा/बागेश्वर। तीन दिन के प्रयासों के बाद प्रशासन ने शनिवार को गुफा के मलबे में दबे जीवन राम (42) पुत्र दुर्गा राम का शव बरामद कर लिया है। सेही (शौल) का शिकार करने के प्रयास में जीवन गुफा के मलबे में दब गया था।
कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बुधवार शाम जंगल की सुरंगनुमा गुफा में धुआं लगाया था। इसका पता चलने पर बृहस्पतिवार सुबह ग्राम सानिउडियार निवासी जीवन राम, रमेश राम (42) पुत्र प्रताप राम और ग्राम दाणोथल निवासी हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम समेत पांच लोग शौल की गुफा के पास गए। गुफा के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया। जो काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसकी तलाश में हरीश राम गुफा में घुसा। वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश भी गुफा में चला गया। बाहर खड़े लोगों ने हरीश और रमेश को गुफा से बाहर खींच लिया लेकिन सुरंग में फंसे जीवन का पता नहीं चला। बृहस्पतिवार को सुरंग के भीतर गए एसडीआरएफ के जवानों को जीवन के पैर दिखाई दिए थे लेकिन शरीर मलबे से दबने और अंधेरा होने के कारण खुदाई का काम रोकना पड़ा। शुक्रवार को एसडीएम योगेंद्र सिंह के निर्देश पर पोकलैंड मशीन से खुदाई के बावजूद सफलता नहीं मिली। शनिवार को ड्रिल मशीन से खुदाई की गई। दोपहर करीब दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने जीवन को गुफा से निकाल लिया। तहसीलदार मैनपाल सिंह ने बताया कि मौके पर मौजूद डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बुधवार शाम जंगल की सुरंगनुमा गुफा में धुआं लगाया था। इसका पता चलने पर बृहस्पतिवार सुबह ग्राम सानिउडियार निवासी जीवन राम, रमेश राम (42) पुत्र प्रताप राम और ग्राम दाणोथल निवासी हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम समेत पांच लोग शौल की गुफा के पास गए। गुफा के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया। जो काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसकी तलाश में हरीश राम गुफा में घुसा। वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश भी गुफा में चला गया। बाहर खड़े लोगों ने हरीश और रमेश को गुफा से बाहर खींच लिया लेकिन सुरंग में फंसे जीवन का पता नहीं चला। बृहस्पतिवार को सुरंग के भीतर गए एसडीआरएफ के जवानों को जीवन के पैर दिखाई दिए थे लेकिन शरीर मलबे से दबने और अंधेरा होने के कारण खुदाई का काम रोकना पड़ा। शुक्रवार को एसडीएम योगेंद्र सिंह के निर्देश पर पोकलैंड मशीन से खुदाई के बावजूद सफलता नहीं मिली। शनिवार को ड्रिल मशीन से खुदाई की गई। दोपहर करीब दो बजे एसडीआरएफ की टीम ने जीवन को गुफा से निकाल लिया। तहसीलदार मैनपाल सिंह ने बताया कि मौके पर मौजूद डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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