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बनलेख में 4.30 करोड़ से बनेगा बिजली घर
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 23 Nov 2015 01:18 AM IST
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प्रदेश सरकार ने दुग नाकुरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की समस्या को देखते हुए तीन एमवीए का बिजलीघर मंजूर कर दिया है। करीब 4.30 करोड़ रुपये की लागत से बनलेख में बिजली घर का निर्माण होगा।
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बिजली घर बनने से इस तहसील के सैकड़ों गांवों को बिजली की अनियमित आपूर्ति, लो-वोल्टेज और आंखमिचौली की समस्या से निजात मिल जाएगी। बिजलीघर की मंजूरी मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का महौल है।
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कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बागेश्वर के विकास को प्राथमिकता दी हैं। उनकी मांग पर सीएम ने दुग नाकुरी तहसील के लिए 4.30 करोड़ रुपये की लागत से तीन एमबीए के बिजली घर की मंजूरी दी है।
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इसका निर्माण बनलेख में होगा। बिजलीघर बनने से क्षेत्र के तुपेड़ से लेकर धरमघर तक के 150 से अधिक छोटे-बड़े गांवों को लाभ होगा।
मालूम हो कि दुग नाकुरी तहसील में बिजलीघर नहीं होने से इस क्षेत्र के गांवों को पहले बागेश्वर के बिजलीघर, कुछ समय कांडा तो इस समय कपकोट के बिजली घर के फीडर से जोड़ा गया है। तुपेड़ से लेकर दोफाड़, रीमा, धरमघर और पुंगर नदी के पार के गांवों में बिजली की अनियमित आपूर्ति होने, डिम वोल्टेज और आंख मिचौली की समस्या बनी रहती है।
बिजली की अनियमितता का क्षेत्र के कुटीर उद्योग धंधों पर भी बुरा असर पड़ा है। धान कुटाई, गेहूं पिसाई और तेल पिराई के कई कारोबारियों ने अपने कारोबारों को डीजल से संचालित जनरेटर से जोड़ दिया है। बिजली के कम आपूर्ति के बावजूद उपभोक्ताओं को बिल पूरे के पूरे के मिल रहे थे।
बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा था। लोगों को आए दिन आंदोलन का सहारा लेना पड़ता था। विधायक फर्स्वाण ने कहा कि बिजली घर बनने से जहां लोगों को लगातार बिजली मिलेगी वहीं लोग उद्योग धंधे भी लगा सकेंगे। बच्चे भी देर रात तक पढ़ाई कर सकेंगे।
यूपीसीएल के सिविल डिवीजन हल्द्वानी के ईई मो. सलीम ने बताया कि बनलेख में स्वीकृत बिजली घर के निर्माण के लिए उनके डिवीजन को 80 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इसमें से प्रस्तावित स्थल का विकास, भवनों, सड़क और रिटर्निंग वाल का निर्माण होगा। निर्माण की प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यूपीसीएल के सेकेंडरी डिवीजन हल्द्वानी के अधिशासी अभियंता रवि कुमार ने बताया उनका डिवीजन प्रस्तावित स्थल बनलेख में 3.50 करोड़ रुपये की लागत से बिजलीघर के यार्ड में बिजली के उपकरण, ट्रांसफार्मर और इंस्ट्रूमेंट लगाएगा, जबकि बिजली की लाइन भी तैयार करेगा। प्रस्तावित कार्यों की निविदाएं लगाकर संबंधित ठेेकेदार ने अनुबंध करा दिए हैं। प्रस्तावित कार्य समय पर पूरा कर लिए जाएंगे।