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Bageshwar News: बागेश्वर में चार बार भाजपा एक बार कांग्रेस के पास रहा है जिपं अध्यक्ष पद
Mon, 07 Jul 2025 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:24 AM IST
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बलवंत सिंह भौर्याल बने थे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष, 2014 में कांग्रेस के हरीश ऐठानी ने तोड़ा था वर्चस्व
बागेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। जिले में 19 जिपं सदस्य सीटों के लिए 82 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। 10 और 11 को नाम वापसी के बाद ही चुनाव लड़ने वालों की तस्वीर साफ हो पाएगी। जिपं अध्यक्ष के लिए एक बार फिर से भाजपा और कांग्रेस के बीच रोमांचक मुकाबला होने के आसार हैं।
वर्ष 1997 में अल्मोड़ा से अलग होकर बागेश्वर को अलग जिले का दर्जा मिला था। वर्ष 2000 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद भाजपा के बलवंत सिंह भौर्याल पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बने। दूसरे चुनाव में भाजपा की दीपा आर्या के सिर जिपं अध्यक्ष का ताज सजा। तीसरे चुनाव में फिर भाजपा ने बाजी मारी। इस बार राम सिंह कोरंगा और विक्रम सिंह शाही को ढाई-ढाई साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका मिला। लगातार तीन बार तक जिला पंचायत की सीट अपने पास रखने वाली भाजपा को 2014 के चुनाव में बड़ा झटका लगा। बड़ेत सीट से जिपं सदस्य का चुनाव जीतकर आए कांग्रेस के हरीश ऐठानी इस बार लॉटरी सिस्टम से जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। हालांकि भाजपा जैसी सफलता को कांग्रेस दोहरा नहीं सकी और 2019 में भाजपा नेता बसंती देव जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। इस बार अंतर केवल एक वोट का रहा। इस बार भाजपा ने 18 और कांग्रेस ने 16 प्रत्याशियों को समर्थन देकर मैदान में उतारा है।
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बागेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। जिले में 19 जिपं सदस्य सीटों के लिए 82 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। 10 और 11 को नाम वापसी के बाद ही चुनाव लड़ने वालों की तस्वीर साफ हो पाएगी। जिपं अध्यक्ष के लिए एक बार फिर से भाजपा और कांग्रेस के बीच रोमांचक मुकाबला होने के आसार हैं।
वर्ष 1997 में अल्मोड़ा से अलग होकर बागेश्वर को अलग जिले का दर्जा मिला था। वर्ष 2000 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद भाजपा के बलवंत सिंह भौर्याल पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बने। दूसरे चुनाव में भाजपा की दीपा आर्या के सिर जिपं अध्यक्ष का ताज सजा। तीसरे चुनाव में फिर भाजपा ने बाजी मारी। इस बार राम सिंह कोरंगा और विक्रम सिंह शाही को ढाई-ढाई साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका मिला। लगातार तीन बार तक जिला पंचायत की सीट अपने पास रखने वाली भाजपा को 2014 के चुनाव में बड़ा झटका लगा। बड़ेत सीट से जिपं सदस्य का चुनाव जीतकर आए कांग्रेस के हरीश ऐठानी इस बार लॉटरी सिस्टम से जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। हालांकि भाजपा जैसी सफलता को कांग्रेस दोहरा नहीं सकी और 2019 में भाजपा नेता बसंती देव जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। इस बार अंतर केवल एक वोट का रहा। इस बार भाजपा ने 18 और कांग्रेस ने 16 प्रत्याशियों को समर्थन देकर मैदान में उतारा है।
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