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बालम सिंह जनौटी के आदर्श आज भी प्रासंगिक
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sat, 05 Dec 2015 01:30 AM IST
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जननेता स्वर्गीय बालम सिंह जनौटी की 67वीं जयंती के मौके पर यहां प्रेस क्लब में नशे की समस्या को लेकर गोष्ठी हुई। जिसमें वक्ताओं ने स्वर्गीय जनौटी के आदर्शों को प्रासंगिक बताते हुए उनके सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। इस साल का जनौटी स्मृति सम्मान स्वर्गीय आंदोलनकारी गुसाई सिंह दफौटी को अर्पित किया गया।
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प्रेस क्लब में जयंती समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वर्गीय जनौटी के कार्यों को याद किया। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि जनौटी ने जीवनभर जनसंघर्ष किए। उन्होंने पहाड़ के विकास, पलायन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई, और आदर्शोें के साथ कभी समझौता नहीं किया।
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उनके सपनों को पूरा करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। वहां हुई गोष्ठी में युवाओं की नशे की लत पर व्यापक चर्चा हुई, इसके लिए सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से जनजागरण करने पर जोर दिया गया। साथ ही मद्य निषेध विभाग को जीवित करने की वकालत की गई।
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स्वर्गीय जनौटी की याद मेें पौधे रोपे गए। उनकी याद में इस साल का सम्मान स्वर्गीय आंदोलनकारी एडवोकेट गुुसांई सिंह दफौटी को दिया गया। स्वर्गीय दफौटी की पत्नी नीमा दफौटी ने यह सम्मान प्राप्त किया।
वहां दर्जा राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, विधायक चंदन राम दास, ललित फर्स्वाण, रेखा खेतवाल, गोविंद सिंह भंडारी, विनोद भट्ट, नरेंद्र खेतवाल, दिग्विजय जनौटी, सुनीता टम्टा, स्वर्गीय बालम सिंह जनौटी की पत्नी भगवती जनौटी आदि थे।