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फरवरी तक हो जाएगा बागनाथ मंदिर का कायाकल्प
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बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में चार सौ साल पुराना बिजौरा बदला। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 1.30 करोड़ रुपये की लागत से बागनाथ मंदिर परिसर को सजाने, संवारने का काम काफी तेजी से चल रहा है। अगले साल फरवरी तक मंदिर का कायाकल्प हो जाएगा। मंदिर परिसर में संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ धर्मशालाओं का भी नवनिर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व में बागनाथ मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग के संग्रहालय के नवनिर्माण के साथ तमाम घोषणाएं की थी। इसी कड़ी में शासन ने 1.30 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर ग्रामीण निर्माण विभाग को निर्माण कार्य का जिम्मा दिया है। उक्त राशि से बागनाथ मंदिर में 400 साल पुराना बिजोरा बदल दिया गया है। मंदिर परिसर में संग्रहालय के निर्माण कार्य के साथ कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।
कालभैरव मंदिर की धर्मशाला और बागनाथ मंदिर की धर्मशाला का नवनिर्माण कार्य चल रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य जौनसार भाबर से आए कारीगर कर रहे हैं। ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण कार्य काफी तेजी हो रहा है। फरवरी 2021 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व में बागनाथ मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग के संग्रहालय के नवनिर्माण के साथ तमाम घोषणाएं की थी। इसी कड़ी में शासन ने 1.30 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर ग्रामीण निर्माण विभाग को निर्माण कार्य का जिम्मा दिया है। उक्त राशि से बागनाथ मंदिर में 400 साल पुराना बिजोरा बदल दिया गया है। मंदिर परिसर में संग्रहालय के निर्माण कार्य के साथ कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।
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कालभैरव मंदिर की धर्मशाला और बागनाथ मंदिर की धर्मशाला का नवनिर्माण कार्य चल रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य जौनसार भाबर से आए कारीगर कर रहे हैं। ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण कार्य काफी तेजी हो रहा है। फरवरी 2021 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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