{"_id":"5db1ebb68ebc3e93b31a81f8","slug":"bageshwar-news-hld3616913121","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य आंदोलनकारी नहीं दिला सके पुख्ता सबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य आंदोलनकारी नहीं दिला सके पुख्ता सबूत
विज्ञापन
बागेश्वर में राज्य आंदोलनकारी समिति की बैठक लेतीं डीएम रंजना राजगुरु।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण सलाहकार समिति की बैठक पुख्ता सबूत न होने के कारण 19 राज्य आंदोलनकारियों के आवेदनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि हाईकोर्ट तक मामला पहुंचाने के बावजूद राज्य आंदोलनकारी पुख्ता सबूत नहीं दिला सके। जिसके कारण इनके आवेदन निरस्त किए गए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बताया गया पिछले माह हुई समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने पुन: समिति की बैठक बुलाने, सभी आंदोलनकारियों को अपना पक्ष रखने एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। जिस पर आंदोलनकारियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनको अपना पक्ष रखने और अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।
इस पर आंदोलनकारियों ने समिति के समक्ष कई अभिलेख दिए। इनको डीएम के निर्देशन में एडीएम एवं सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने परखा। इसके लिए एक टीम एडीएम की अध्यक्षता में गठित करते हुए जिला अल्मोड़ा को भेजी गयी जहां पर टीम ने डीएम कार्यालय एवं एसएसपी कार्यालय अल्मोड़ा में चिह्नित आंदोलनकारियों के अभिलेखों के संबंध में जांच की। जांच के दौरान टीम को कोई साक्ष्य एवं अभिलेख नहीं मिले। बैठक में एसपी प्रीति प्रियदर्शनी, एडीएम राहुल कुमार गोयल, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, योगेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, जयवर्द्धन शर्मा, के अलावा रेवाधर कनसेरी, रमेश चंद्र पांडेय, गंगा सिंह पांगती, हीराबल्लभ भट्ट आदि थे।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका
बैठक में बताया गया कि जिले के 19 व्यक्तियों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हित किये जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित याचिकाकर्ताओं के आवेदन पत्रों पर चिन्हीकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बताया गया पिछले माह हुई समिति की बैठक में समिति के सदस्यों ने पुन: समिति की बैठक बुलाने, सभी आंदोलनकारियों को अपना पक्ष रखने एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। जिस पर आंदोलनकारियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनको अपना पक्ष रखने और अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।
विज्ञापन
इस पर आंदोलनकारियों ने समिति के समक्ष कई अभिलेख दिए। इनको डीएम के निर्देशन में एडीएम एवं सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने परखा। इसके लिए एक टीम एडीएम की अध्यक्षता में गठित करते हुए जिला अल्मोड़ा को भेजी गयी जहां पर टीम ने डीएम कार्यालय एवं एसएसपी कार्यालय अल्मोड़ा में चिह्नित आंदोलनकारियों के अभिलेखों के संबंध में जांच की। जांच के दौरान टीम को कोई साक्ष्य एवं अभिलेख नहीं मिले। बैठक में एसपी प्रीति प्रियदर्शनी, एडीएम राहुल कुमार गोयल, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, योगेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, जयवर्द्धन शर्मा, के अलावा रेवाधर कनसेरी, रमेश चंद्र पांडेय, गंगा सिंह पांगती, हीराबल्लभ भट्ट आदि थे।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका
बैठक में बताया गया कि जिले के 19 व्यक्तियों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हित किये जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित याचिकाकर्ताओं के आवेदन पत्रों पर चिन्हीकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।