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चार क्लर्क देख रहे एक लाख खातों के लेनदेन का काम

Sat, 08 Oct 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Sat, 08 Oct 2016 01:18 AM IST
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Bageshwar half of the employees in the post office vacancies
डाकघर में अव्यवस्‍था - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। बागेश्वर का मुख्य डाकघर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि डाकघर में लगभग एक लाख खातों के लेनदेन का काम महज चार क्लर्क देख रहे हैं। खाता धारकों का पैसा तक समय पर जमा नहीं हो पा रहा है।

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कर्मचारियों की कमी के कारण जहां ग्राहकों के कीमती समय बर्बादी हो रही है वहीं, पोस्टल विभाग को भी नुकसान हो रहा है। बागेश्वर डाकघर में आरडी, एसबी, एनएससी सहित करीब एक लाख खाते हैं। इसमें आरडी जमा करने का काम रोजाना होता है।
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साधारण डॉक, स्पीड पोस्ट समेत तमाम काम हर दिन निपटाने होते हैं। इतना काम होने के बावजूद एक लाख खातों के लेनदेन का जिम्मा महज चार क्लर्कों के पास है। क्लर्कों की कमी से सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों की समय पर आरडी जमा नहीं हो पा रही है।
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डाकघर को ऑनलाइन करने के बाद सर्वर डाउन रहने से काम में सरलता आने के बजाय सिरदर्दी बढ़ गई है। कई बार ग्राहकों को कतार में घंटों तक खड़े रहना पड़ता है या फिर बार-बार डाकघर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्राहकों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है।

मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर केआर चुनेरा ने बताया कि डाकघर में क्लर्क के 10 पद हैं, लेकिन इस समय केवल चार क्लर्क तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा स्टाफ को देर रात तक काम निपटाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी के मसले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। 


 पूरा पोस्टल विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। डाकघर में कर्मचारियों की कमी के कारण बागेश्वर में कार्यरत एक महिला कर्मी को बैजनाथ स्थानांतरित कर दिया था। तब से यहां का रेलवे बुकिंग काउंटर बंद है। इसके चलते जिले के लोगों को असुविधा हो रही है। लोगों को निजी बुकिंग एजेंसियों के माध्यम से रेलवे की बुकिंग करानी पड़ रही है। ऐसे में लोगों की जेब तो ढीली हो ही रही है पोस्टल डिपार्टमेंट को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। 
 

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