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गढ़सेर के बदरीनाथ मंदिर में शीर्ष में लगेगी ताम्र छत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Sun, 08 May 2016 12:17 AM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ गढ़सेर के ऐतिहासिक बदरीनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। एसडीएम ने कहा कि पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी सबकी है। इसलिए मंदिर परिसर की सौ मीटर परिधि में भविष्य में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा।
एसडीएम बिष्ट ने शनिवार को मंदिर के सुधारीकरण का कार्य देखा। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य तय समय सीमा पर पूरा करने को कहा। प्राचीन धरोहरों को बचाने के लिए सभी से सहयोग मांगा। एसडीएम ने कहा कि उत्तराखंड देवी, देवताओं की तपोभूमि है। देश, विदेश के लोग यहां के मंदिरों के दर्शन करने आते हैं।
एसडीएम ने ग्रामीणों से मंदिर परिसर से सौ मीटर की परिधि में नवनिर्माण न करने को कहा। नवनिर्माण करते कोई पाया गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुरातत्व प्रभारी एसएस चौहान ने कहा कि मंदिर के शीर्ष में तांबे की छत लगाई जाएगी। वहां ग्राम प्रधान नवीन ममगई, आनंद नेगी, लोनिवि के एई एसएस जोशी, कानूनगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी गोविंद गिरी आदि थे।
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एसडीएम बिष्ट ने शनिवार को मंदिर के सुधारीकरण का कार्य देखा। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य तय समय सीमा पर पूरा करने को कहा। प्राचीन धरोहरों को बचाने के लिए सभी से सहयोग मांगा। एसडीएम ने कहा कि उत्तराखंड देवी, देवताओं की तपोभूमि है। देश, विदेश के लोग यहां के मंदिरों के दर्शन करने आते हैं।
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एसडीएम ने ग्रामीणों से मंदिर परिसर से सौ मीटर की परिधि में नवनिर्माण न करने को कहा। नवनिर्माण करते कोई पाया गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुरातत्व प्रभारी एसएस चौहान ने कहा कि मंदिर के शीर्ष में तांबे की छत लगाई जाएगी। वहां ग्राम प्रधान नवीन ममगई, आनंद नेगी, लोनिवि के एई एसएस जोशी, कानूनगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी गोविंद गिरी आदि थे।
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