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Bageshwar News: फौजी के बेटे की मौत का मामले को आयोग ने माना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 11:26 PM IST
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The Commission considered the death of a soldier's son as a gross violation of human rights.
बागेश्वर। फौजी के बेटे को पांच अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद भी उचित इलाज नहीं मिलने का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग ने सीनियर क्रिमिनल लॉयर बीएम गौड़ की शिकायत के आधार पर प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को तीन नवंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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विगत 30 जुलाई को अमर उजाला ने सिस्टम से हार गया फौजी पिता, इलाज के अभाव में मासूम की मौत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए पौड़ी गढ़वाल निवासी एडवोकेट बीएम गौड़ ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आयोग ने मामले में बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बताया है।
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अधिवक्ता गौड़ ने बताया कि आयोग के अनुसार प्रकरण अत्यंत संवेदनशील है, किसी की मृत्यु का कारण स्थानीय अस्पतालों का इलाज के लिए सक्षम न हो पाना अत्यंत ही निंदनीय है। जरूरत के समय पर एंबुलेंस समय पर उपलब्ध न हो पाना हमारे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
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मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं न मिल पाने के कई कारण होते हैं, जैसे डाॅक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का न होना, बुनियादी सुविधाओं का अभाव, समय से एंबुलेंस न मिल पाना आदि। यह प्रकरण स्वास्थ्य सेवाओं में कुप्रबंधन का ज्वलंत उदाहरण हैं एवं प्रथम दृष्टया यह प्रकरण मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का है।

अस्पतालों का चक्कर काटकर भी नहीं बची थी मासूम की जान
चमोली जिले के चिडंगा निवासी सैनिक दिनेश चंद्र जोशी के वायरल वीडियो में अपने बेटे की मौत के लिए लचर स्वास्थ्य सेवाओं को जिम्मेदार बताया था। उनके कथन के अनुसार बीमार बेटे को सबसे पहले ग्वालदम ले गए। यहां से बैजनाथ और वहां से बागेश्वर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से अल्मोड़ा रेफर किया गया। फौजी ने जिला अस्पताल से एंबुलेंस के दो घंटे देरी से मिलने और चिकित्सक के सहयोग नहीं करने की बात भी कही थी। अल्मोड़ा पहुंचने के बाद उनके बेटे को हल्द्वानी रेफर किया गया। हल्द्वानी के अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी।



जांच पूरी कर शासन को भेज दी रिपोर्ट
इस प्रकरण को लेकर शासन स्तर से जांच बैठाई गई थी। फौजी की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर मामले की जांच होनी थी। डीएम आशीष भटगांई ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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