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खड़िया खनन पट्टे के विरोध में डीएम कार्यालय आ धमके ग्रामीण
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बागेश्वर कलक्ट्रेट में खड़िया खनन पट्टा न देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण:संवाद न्यू?
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। नायल धपोला गांव के लोग सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। गांव में खनन पट्टा जारी करने की कवायद के विरोध में उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। खनन पट्टे के समर्थकों पर ग्रामीणों को आतंकित करने का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान सूरज सिंह कार्की के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने गांव में खनन पट्टा जारी करने के विरोध में नारेबाजी की। इन लोगों का कहना था कि गांव के लोगों के विरोध के बाद भी गांव में खड़िया खनन के दो पट्टे जारी करने की कवायद चल रही है जबकि खड़िया खनन से प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचेगा। जलधारे, पेड़, पौधे नष्ट हो जाएंगे।
कहा कि कम जमीन वाले गांव के कुछ लोगों ने खनन पट्टे के लिए अनापत्ति दी है। यह लोग गांव छोड़कर दूर बस चुके हैं जबकि गांव में रहने वालेअधिकतर लोग खनन पट्टे का विरोध कर रहे हैं तो उनको डराया, धमकाया जा रहा है। गांव की लीला देवी ने कहा कि खनन समर्थक उन्हें भी धमका चुके हैं। गांव में भय का माहौल है। इन लोगों ने एडीएम राहुल गोयल को सौंपे ज्ञापन में खनन पट्टा जारी करने की कवायद रोकने समेत ग्रामीणों को सुरक्षा भी उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन में जगदीश सिंह कार्की, मोहन राम, बसंत राम, हेमा देवी, गोपा देवी, कैलाश चंद्र, हयात सिंह कार्की, दीवान सिंह धपोला आदि थे।
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नायल धपोला गांव में उपजे विवाद के लिए निदान के लिए खनिज और राजस्व विभाग की जांच टीम गठित की गई है। जांच टीम मंगलवार को गांव जाकर लोगों का पक्ष सुनेगी। अगर गांव के लोगों को धमकी मिल रही है, तो वह एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।
- राहुल गोयल, एडीएम बागेश्वर।
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ग्राम प्रधान सूरज सिंह कार्की के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने गांव में खनन पट्टा जारी करने के विरोध में नारेबाजी की। इन लोगों का कहना था कि गांव के लोगों के विरोध के बाद भी गांव में खड़िया खनन के दो पट्टे जारी करने की कवायद चल रही है जबकि खड़िया खनन से प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचेगा। जलधारे, पेड़, पौधे नष्ट हो जाएंगे।
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कहा कि कम जमीन वाले गांव के कुछ लोगों ने खनन पट्टे के लिए अनापत्ति दी है। यह लोग गांव छोड़कर दूर बस चुके हैं जबकि गांव में रहने वालेअधिकतर लोग खनन पट्टे का विरोध कर रहे हैं तो उनको डराया, धमकाया जा रहा है। गांव की लीला देवी ने कहा कि खनन समर्थक उन्हें भी धमका चुके हैं। गांव में भय का माहौल है। इन लोगों ने एडीएम राहुल गोयल को सौंपे ज्ञापन में खनन पट्टा जारी करने की कवायद रोकने समेत ग्रामीणों को सुरक्षा भी उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन में जगदीश सिंह कार्की, मोहन राम, बसंत राम, हेमा देवी, गोपा देवी, कैलाश चंद्र, हयात सिंह कार्की, दीवान सिंह धपोला आदि थे।
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नायल धपोला गांव में उपजे विवाद के लिए निदान के लिए खनिज और राजस्व विभाग की जांच टीम गठित की गई है। जांच टीम मंगलवार को गांव जाकर लोगों का पक्ष सुनेगी। अगर गांव के लोगों को धमकी मिल रही है, तो वह एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।
- राहुल गोयल, एडीएम बागेश्वर।