{"_id":"64233682cf5473e9af097a44","slug":"anshan-for-pm-awas-bageshwar-news-c-8-1-96141-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: आवास गिराने की जांच के लिए अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: आवास गिराने की जांच के लिए अनशन
Wed, 29 Mar 2023 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 29 Mar 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
आवास गिराने की जांच की मांग के लिए कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। नुमाइशखेत निवासी युवक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले आवास को गिराने की जांच की मांग के लिए कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरु कर दिया। एडीएम सीएस इमलाल के आश्वासन पर चार घंटे बाद युवक ने अनशन स्थगित कर दिया।
कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठे नुमाइशखेत निवासी ललित धामी ने बताया कि उसने अपनी माता के नाम दर्ज नाप भूमि पर मकान बनाया था। इसके लिए मां से अनापत्ति लेने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया। इसके तहत उसे पहली किश्त के रूप में बीस हजार रुपये और दूसरी किश्त के रूप में साठ हजार रुपये मिले। नाते-रिश्तेदारों से कर्ज लेकर जैसे-तैसे मकान का काम पूरा कराया था लेकिन पड़ोसी महिला की झूठी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर नगरपालिका ने पिछले साल रात में उसका घर गिरा दिया।
उसका आरोप है कि शिकायतकर्ता महिला ने पहले से मकान होते हुए भी प्रधानमंत्री आवास योजना का गलत लाभ लिया है। कई बार उसकी शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने उसका मकान नहीं गिराया। दोपहर करीब तीन बजे एडीएम सीएस इमलाल ने इस प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का लिखित आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन पर युवक घर लौट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठे नुमाइशखेत निवासी ललित धामी ने बताया कि उसने अपनी माता के नाम दर्ज नाप भूमि पर मकान बनाया था। इसके लिए मां से अनापत्ति लेने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया। इसके तहत उसे पहली किश्त के रूप में बीस हजार रुपये और दूसरी किश्त के रूप में साठ हजार रुपये मिले। नाते-रिश्तेदारों से कर्ज लेकर जैसे-तैसे मकान का काम पूरा कराया था लेकिन पड़ोसी महिला की झूठी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर नगरपालिका ने पिछले साल रात में उसका घर गिरा दिया।
विज्ञापन
उसका आरोप है कि शिकायतकर्ता महिला ने पहले से मकान होते हुए भी प्रधानमंत्री आवास योजना का गलत लाभ लिया है। कई बार उसकी शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने उसका मकान नहीं गिराया। दोपहर करीब तीन बजे एडीएम सीएस इमलाल ने इस प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का लिखित आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन पर युवक घर लौट गया।
विज्ञापन