बागेश्वर। राज्य आंदोलनकारियों की बैठक रविवार को राधाकृष्ण मंदिर में हुई। इसमें आंदोलनकारी होने का प्रमाणपत्र न बनाने पर रोष जताया गया। वक्ताओं ने समान सबूत और मानकों के बावजूद प्रमाणपत्र न बनाने को प्रशासन की भेदभावपूर्ण नीति बताया। बैठक में नारेबाजी भी की गई।
गोकुल जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में जिले में 352 लोगों को चयनित किया था। अब चयनित आंदोलनकारी मनमर्जी कर रहे हैं। उनके पास उन लोगों से भी पुख्ता साक्ष्य हैं, जिन्हें आंदोलनकारी का दर्जा दिया गया है। देहरादून, ऊधमसिंह नगर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में पेपर कटिंग के आधार पर लोगों को राज्य आंदोलनकारी चिह्नित किया गया है। वह भी इसके सबूत दे चुके हैं। बैठक में कुंदन ऐठानी, गोकुलानंद जोशी, कैलाश चंद्र पाठक, धीरज जोशी, हयात सिंह धपोला, मोहन चंद्र उप्रेती, धीरज चंद्र जोशी, प्रकाश सिंह खेतवाल, जगदीश सिंह, कुंदन ऐठानी, सलीम अहमद, गोपाल सिंह भंडारी आदि थे।