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विकास की दौड़ में वनों को बचाना जरुरी: बागरी
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बागेश्वर डायट में आयोजित कार्यशाला में विचार रखते डीएफओ हिमांशु बागरी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पर्यावरण संचेतना विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुुख्य अतिथि डीएफओ हिमांशु बागरी ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच सामंजस्य बैठाने की बात कही। कार्यशाला का समापन पौधरोपण के साथ किया गया।
डायट सभागार में हुई कार्यशाला में बोलते हुए बागरी ने कहा कि न तो औद्योगिक विकास को अवरुद्ध किया जा सकता है और न विकास को रोका जा सकता है। हमें विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच सामंजस्य बनाना होगा। पर्यावरण के प्रति संचेतना और जानकारी होने पर ही हम वनों के अत्यधिक दोहन को रोक सकते हैं।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला ने संस्थान में चल रहे नवाचारी कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पर्यावरण संचेतना, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत क्षय जैसी वैश्विक समस्याओं पर चर्चा करना और इन्हें रोकने के उपाय करना है।
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रेंजर श्याम सिंह करायत ने बीजारोपण, पौधरोपण, पौधशाला, वन के संरक्षण की स्थानीय परिवेश से संबंधित जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को बीजारोपण के लिए मिट्टी, खाद और बजरी के अनुपात और मिट्टी की जांच आदि की जानकारी दी गई। वहां पर दामोदर जोशी, आनंद लाल, भूपाल राम, कैैलाश प्रकाश चंदोला, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. मनोज चौहान, रवि कुमार जोशी, डॉ. बीडी पांडेय आदि मौजूद रहे।
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डायट सभागार में हुई कार्यशाला में बोलते हुए बागरी ने कहा कि न तो औद्योगिक विकास को अवरुद्ध किया जा सकता है और न विकास को रोका जा सकता है। हमें विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच सामंजस्य बनाना होगा। पर्यावरण के प्रति संचेतना और जानकारी होने पर ही हम वनों के अत्यधिक दोहन को रोक सकते हैं।
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प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला ने संस्थान में चल रहे नवाचारी कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पर्यावरण संचेतना, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत क्षय जैसी वैश्विक समस्याओं पर चर्चा करना और इन्हें रोकने के उपाय करना है।
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रेंजर श्याम सिंह करायत ने बीजारोपण, पौधरोपण, पौधशाला, वन के संरक्षण की स्थानीय परिवेश से संबंधित जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को बीजारोपण के लिए मिट्टी, खाद और बजरी के अनुपात और मिट्टी की जांच आदि की जानकारी दी गई। वहां पर दामोदर जोशी, आनंद लाल, भूपाल राम, कैैलाश प्रकाश चंदोला, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. मनोज चौहान, रवि कुमार जोशी, डॉ. बीडी पांडेय आदि मौजूद रहे।