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Bageshwar News: प्रशासनिक आश्वासन की निकली हवा, ग्रामीणों ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी
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कपकोट (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के काफलीकमेड़ा गांव के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पिछले वर्ष सड़क, बिजली, पानी और संचार जैसी बुनियादी मांगों को लेकर हुआ 26 दिवसीय क्रमिक आंदोलन प्रशासन के लिखित आश्वासन पर शांत हुआ था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। ग्रामीणों ने हुंकार भरी है कि यदि एक महीने के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे दोबारा भूख हड़ताल पर बैठेंगे और आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
बीते 18 फरवरी 2024 से ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोला था। 26 दिनों तक चले कड़े संघर्ष के बाद तत्कालीन एसडीएम अनुराग आर्य और बिजली विभाग के एसडीओ सुरेंद्र भंडारी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने दो महीने के भीतर समाधान का लिखित आश्वासन दिया था। ग्राम प्रधान रोहित देवली और एडवोकेट चामू देवली ने मंगलवार को बताया कि अधिकारियों के वादे केवल फाइलों तक सीमित रह गए, धरातल पर एक पत्थर तक नहीं हिला। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें 1.5 किमी मार्ग पर सुरक्षा दीवार न बनने से बंद पड़े रास्ते को खोलने, सड़े-गले पोल और झूलते तार हादसों को दावत दे रहे हैं। नया ट्रांसफार्मर लगाने, आपदा में ध्वस्त हुई पाइपलाइन ठीक कर ग्वांतोली और मल्का कनाला तोक के 30 परिवारों को के लिए पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने आदि मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
मंगलवार को आयोजित बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य शोभा देवी, सरपंच चंद्रा देवी और पूर्व प्रधान मुन्नी देवी ने दो-टूक कहा कि प्रशासन ने उनके साथ छलावा किया है। यदि एक माह में कार्य शुरू नहीं हुआ, तो पूरा गांव अनशन पर बैठेगा और किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
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........कोट
बिजली विभाग के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है, जल्द ही काम शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी को सड़क के नए सर्वे के निर्देश दिए गए हैं और जल संस्थान को भी लाइन दुरुस्त करने को कहा गया है। - सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट
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बीते 18 फरवरी 2024 से ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोला था। 26 दिनों तक चले कड़े संघर्ष के बाद तत्कालीन एसडीएम अनुराग आर्य और बिजली विभाग के एसडीओ सुरेंद्र भंडारी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने दो महीने के भीतर समाधान का लिखित आश्वासन दिया था। ग्राम प्रधान रोहित देवली और एडवोकेट चामू देवली ने मंगलवार को बताया कि अधिकारियों के वादे केवल फाइलों तक सीमित रह गए, धरातल पर एक पत्थर तक नहीं हिला। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें 1.5 किमी मार्ग पर सुरक्षा दीवार न बनने से बंद पड़े रास्ते को खोलने, सड़े-गले पोल और झूलते तार हादसों को दावत दे रहे हैं। नया ट्रांसफार्मर लगाने, आपदा में ध्वस्त हुई पाइपलाइन ठीक कर ग्वांतोली और मल्का कनाला तोक के 30 परिवारों को के लिए पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने आदि मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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मंगलवार को आयोजित बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य शोभा देवी, सरपंच चंद्रा देवी और पूर्व प्रधान मुन्नी देवी ने दो-टूक कहा कि प्रशासन ने उनके साथ छलावा किया है। यदि एक माह में कार्य शुरू नहीं हुआ, तो पूरा गांव अनशन पर बैठेगा और किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
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बिजली विभाग के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है, जल्द ही काम शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी को सड़क के नए सर्वे के निर्देश दिए गए हैं और जल संस्थान को भी लाइन दुरुस्त करने को कहा गया है। - सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट