{"_id":"65e213c328c1948c350a354a","slug":"accused-of-fraud-and-criminal-conspiracy-acquitted-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-104711-2024-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: धोखाधड़ी और आपराधिक षड़्यंत्र के आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: धोखाधड़ी और आपराधिक षड़्यंत्र के आरोपी दोषमुक्त
Fri, 01 Mar 2024 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:13 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज जूनियर डिवीजन पुनीत कुमार की अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड़्यंत्र के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को दोषमुक्त किया। मामले के अनुसार वादी इंदर लाल अग्रवाल ने कोतवाली में किरन पंत और दीवान राम निवासी नदीगांव के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड़्यंत्र की तहरीर दी थी।
तहरीर में बताया गया था कि वादी ने 20 अगस्त 2013 को आरोपी किरन पंत से चार नाली जमीन खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री उप निबंधक कार्यालय बागेश्वर में की गई लेकिन इस जमीन को आरोपी किरन पंत ने दूसरे आरोपी दीवान राम के पास उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बागेश्वर से डेयरी के लिए 15 जून 2011 को लिए गए ऋण पर बंधक रखा था। बैंक के नाम पर बंधक होने के बावजूद आरोपी ने वादी से तथ्य छिपाकर विक्रय कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 बी के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष में मामले में सात गवाह पेश कराए। न्यायालय ने उक्त जमीन को बैंक की ओर से बंधक नहीं मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करने का आदेश दिया। संवाद
विज्ञापन
तहरीर में बताया गया था कि वादी ने 20 अगस्त 2013 को आरोपी किरन पंत से चार नाली जमीन खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री उप निबंधक कार्यालय बागेश्वर में की गई लेकिन इस जमीन को आरोपी किरन पंत ने दूसरे आरोपी दीवान राम के पास उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बागेश्वर से डेयरी के लिए 15 जून 2011 को लिए गए ऋण पर बंधक रखा था। बैंक के नाम पर बंधक होने के बावजूद आरोपी ने वादी से तथ्य छिपाकर विक्रय कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 बी के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष में मामले में सात गवाह पेश कराए। न्यायालय ने उक्त जमीन को बैंक की ओर से बंधक नहीं मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करने का आदेश दिया। संवाद
विज्ञापन