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अल्मोड़ा से चल रहा बागेश्वर का खाद्य सुरक्षा विभाग
Bageshwar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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बागेश्वर। बागेश्वर का खाद्य सुरक्षा विभाग अल्मोड़ा से चल रहा है। जिले में विभाग का न तो ढांचा है और न ही अधिकारी और कर्मचारी। हालत यह है कि मिलावटखोरी रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। दीपावली के मौके पर मिलावटखोरों की मौज हो रही है। मिलावटखोरी रोकने के लिए प्रदेश में कड़ा कानून है। मिलावटखोरी की शिकायतें खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अभिहीत अधिकारी, सीएमओ कार्यालय, कलक्ट्रेट अथवा तहसील में की जा सकती है। सैंपलों का परीक्षण होने के बाद जिन मामलों में खाद्य सामग्री तकनीकी रूप से ठीक होती है, लेकिन उत्पादन और विपणन के सामान्य मानकों का पालन नहीं होता, वह मामले न्याय निर्णायक अधिकारी की हैसियत से जिलाधिकारी की अदालत में चलते हैं। ऐसे मामलों में डेढ़ लाख से लेकर दस लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। कड़े कानून के बावजूद बागेश्वर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग में एक कर्मचारी तक नहीं है। प्रदेश स्तर पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त के अधीन प्रत्येक जिले में एक अभिहीत अधिकारी का पद मंजूर है। अभिहीत अधिकारी के अधीन तहसील स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात किए जाते हैं। जो बाजारों में छापे मारते हैं।
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