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प्रदर्शन कर बोलीं, मानदेय बढ़ाओ
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बागेश्वर/गरुड़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/ मिनी कर्मचारी ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को तहसील रोड स्थित आंगनबाड़ी दफ्तर के बाहर दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकत्र हुईं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार हर बार कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है। इससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की। इस बाबत उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। वहां लीला आर्य, मरियम डेविड, देवकी रावत, राहिला तबस्सुम, सोनी आर्य, मुन्नी आर्य, नीमा खेतवाल, सरिता टम्टा, गीता पांडे, शशि पांडे, नीमा जोशी आदि थीं।
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गरुड़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक मुख्यालय और आंगनबाड़ी परियोजना कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। वहां प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, जिलाध्यक्ष भगवती जोशी, ब्लॉकाध्यक्ष नीमा गोस्वामी, पूजा सजवान, किरण मिश्रा, भावना पांगती, चेतना मिश्रा, गीता आर्या, ममता रावत आदि थे।
= ये भी उठाई मांगें =
:- 20-30 सालों से काम कर रही कार्यकर्ताओं का मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति मिले।
:- मिनी केंद्रों को अधिकृत कर समान कार्य समान वेतन मिले।
:- सहायिकाओं के वेतन में 25 फीसदी की वृद्धि हो।
:- आंगनबाड़ी केंद्रों में ढाई साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम दर्ज किये जा रहे हैं इसलिए इन केंद्रों को प्राइमरी का दर्जा मिले।
:- प्राइमरी स्कूलों की भांति केंद्रों को ग्रीष्म-शीतकालीन अवकाश दिया जाए।
:- पूर्व सरकार की भांति यह सरकार भी दीपावली कार्यकर्ताओं को दीपावली बोनस दे।
:- यात्रा भत्ता देने, सेवानिवृत्त होने पर महिला कोष से एक निश्चित रकम भुगतान और धरने के दौरान कटे हुए मानदेय का भुगतान हो।
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शुक्रवार को तहसील रोड स्थित आंगनबाड़ी दफ्तर के बाहर दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकत्र हुईं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार हर बार कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है। इससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
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उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की। इस बाबत उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। वहां लीला आर्य, मरियम डेविड, देवकी रावत, राहिला तबस्सुम, सोनी आर्य, मुन्नी आर्य, नीमा खेतवाल, सरिता टम्टा, गीता पांडे, शशि पांडे, नीमा जोशी आदि थीं।
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गरुड़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक मुख्यालय और आंगनबाड़ी परियोजना कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। वहां प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, जिलाध्यक्ष भगवती जोशी, ब्लॉकाध्यक्ष नीमा गोस्वामी, पूजा सजवान, किरण मिश्रा, भावना पांगती, चेतना मिश्रा, गीता आर्या, ममता रावत आदि थे।
= ये भी उठाई मांगें =
:- 20-30 सालों से काम कर रही कार्यकर्ताओं का मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति मिले।
:- मिनी केंद्रों को अधिकृत कर समान कार्य समान वेतन मिले।
:- सहायिकाओं के वेतन में 25 फीसदी की वृद्धि हो।
:- आंगनबाड़ी केंद्रों में ढाई साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम दर्ज किये जा रहे हैं इसलिए इन केंद्रों को प्राइमरी का दर्जा मिले।
:- प्राइमरी स्कूलों की भांति केंद्रों को ग्रीष्म-शीतकालीन अवकाश दिया जाए।
:- पूर्व सरकार की भांति यह सरकार भी दीपावली कार्यकर्ताओं को दीपावली बोनस दे।
:- यात्रा भत्ता देने, सेवानिवृत्त होने पर महिला कोष से एक निश्चित रकम भुगतान और धरने के दौरान कटे हुए मानदेय का भुगतान हो।