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स्थानीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए रणनीति बनाई जाए
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:01 PM IST
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बागेश्वर। एग्री विजनेस ग्रोथ सेंटर योजना को शुरू करने के लिए जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने जिले के एकीकृत आजीविका, उद्यान, कृषि, उद्योग तथा परियोजना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में एकीकृत आजीविका के माध्यम से कपकोट विकासखंड के मुनार ग्राम तथा गरुड़ ब्लाक के संजीवनी स्वायत्त सहकारिता के पिकल्स यूनिट को ऐग्री विजनेस ग्रोथ सेंटर के लिए प्रस्तावित किया गया।
बैठक में डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कारगर रणनीति बनाएं। मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती ने बताया कि गरुड़ में किसानों के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए पूर्व में बने आपणू बाजार को मंडी समिति रुद्रपुर द्वारा नए रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें कृषि, उद्यान, डेयरी, आजीविका आदि विभाग के समूह, काश्तकार आदि को दुकानें आवंटित की जाएंगी जो स्थानीय उत्पाद की बिक्री करेंगे। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि बदियाकोट तथा कर्मी में रामदाना के उत्पादन के लिए सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है। जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि ग्रोथ सेंटर के अंतर्गत फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इन सेंटरों से संबंधित अधिकारियों को डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि एकीकृत आजीविका परियोजना के अंतर्गत आर्गेनिक उत्पादों को बढ़ाने के साथ ही मडुवे, चौलाई के बिस्किट , लड्डू बड़े पैमाने पर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्य, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, आजीविका परियोजना धर्मेंद्र कुमार पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार आदि मौजूद थे।
बैठक में डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कारगर रणनीति बनाएं। मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती ने बताया कि गरुड़ में किसानों के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए पूर्व में बने आपणू बाजार को मंडी समिति रुद्रपुर द्वारा नए रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें कृषि, उद्यान, डेयरी, आजीविका आदि विभाग के समूह, काश्तकार आदि को दुकानें आवंटित की जाएंगी जो स्थानीय उत्पाद की बिक्री करेंगे। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि बदियाकोट तथा कर्मी में रामदाना के उत्पादन के लिए सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है। जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि ग्रोथ सेंटर के अंतर्गत फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इन सेंटरों से संबंधित अधिकारियों को डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि एकीकृत आजीविका परियोजना के अंतर्गत आर्गेनिक उत्पादों को बढ़ाने के साथ ही मडुवे, चौलाई के बिस्किट , लड्डू बड़े पैमाने पर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्य, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, आजीविका परियोजना धर्मेंद्र कुमार पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार आदि मौजूद थे।
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