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734 आंगनबाड़ी केंद्रों के नहीं हैं अपने भवन

Tue, 15 Dec 2015 10:48 PM IST
बागेश्वर।
बागेश्वर। Updated Tue, 15 Dec 2015 10:48 PM IST
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734 anganbari centres have not building

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 हमारी सरकारें नौनिहालों की शिक्षा के प्रति कितनी संजीदी हैं, इसका उदाहरण शायद राज्य का यह पहला जिला होगा जहां 734 आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन हैं ही नहीं। भवनों की भारी कमी के कारण नौनिहालों का भविष्य पंचायत भवन, प्राइमरी स्कूल और कहीं कहीं तो किसी के घर के आंगन में तैयार हो रहा है। नौनिहालों के भविष्य को बेहतर बनाने के नाम पर कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने देश-विदेश का करोड़ों रुपये हजम कर लिया पर बच्चों के हितों के लिए उनके स्तर से भी कुछ न हो सका।
जिले में कुल 834 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 558 केंद्र बड़े तो 276 मिनी केंद्र हैं। यहां बड़े आंगनबाड़ी केंद्र में 0 से छह वर्ष तक के कुल 17422 बच्चे जबकि इसी उम्र के मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल 6123 बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार के तमाम दावों के बावजूद जिले में आज तक सिर्फ 100 आंगनबाड़ी केंद्र भवन ही बन सके हैं जबकि दर्जनभर भवन निर्माणाधीन चल रहे हैं। 2007 की अतिवृष्टि में ग्राम पंचायत कपकोट के राकशी में निर्मित भवन क्षतिग्रस्त हो गया था तब से उसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है।

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जहां केंद्रों के भवन नहीं बने हैं वहां नौनिहाल असुविधायुक्त पंचायत भवन या प्राइमरी स्कूल भवन के एक कोने में आगे की पढ़ाई के लिए तैयार होते हैं। सांसद आदर्श गांव सूपी जैसे कुछ अन्य गांवों में तो नौनिहाल ग्रामीणों के घर के आंगन में तैयार होते हैं। कुछ स्थानों पर किराए घर भी लिए गए हैं। संबंधित गांवों के प्रतिनिधि भवनों के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। भवनों की कमी के कारण बच्चों को कई बार चिलचिलाती धूप और जाड़े के मौसम में खुले आसमान के नीचे बैठना पड़ता है। इस कारण उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने का खतरा बना रहता है। भवन नहीं होने से आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्रियों और उनकी सहायिकाओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बच्चों के खेलकूद की सामग्री और पोषाहार और अन्य सामान रखने के लिए भी परेशान होना पड़ता है। इधर प्रभारी डीपीओ निर्मला अंसारी ने बताया कि भवनहीन बड़े और छोटे आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। बजट मंजूर होने पर भवनों का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय एक दर्जन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण प्रगति पर है। विधायकों में चंदन राम दास बागेश्वर और ललित फर्स्वाण ने कहा कि भवनों के निर्माण के लिए शासन से बजट अवमुक्त कराने में सहयोग किया जाएगा।
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