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बर्फ से ढके शिखर पर्वत में साधना कर रहे उतमानंद महराज
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कपकोट (बागेश्वर)। ब्लाक मुख्यालय से करीब 23 किमी की दूरी पर 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित शिखर पर्वत की मनोरम पहाड़ी है। वहां श्री श्री 1008 मूल नारायण भगवान का भव्य मंदिर है। भारी बर्फबारी से वहां चार फुट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी है।
मंदिर में 75 वर्षीय साधु उत्तमानंद महाराज बर्फ के बीच साधना कर रहे हैं। वहां पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद वह तपस्या में लीन हैं। मंदिर समिति के सदस्य राम सिंह कोरंगा ने बताया कि उत्तमानंद महराज प्रयागराज में चल रहे अर्द्धनग्न में स्नान करने के बाद बर्फ से ढकी वादियों में लौट आए हैं।
उनका स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है। उनके पास जीवन रक्षक दवाइयां, भोजन सामग्री और ठंड से बचने के लिए कंबल और जलौनी लकड़ियां पर्याप्त मात्रा में हैं।
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मंदिर में 75 वर्षीय साधु उत्तमानंद महाराज बर्फ के बीच साधना कर रहे हैं। वहां पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद वह तपस्या में लीन हैं। मंदिर समिति के सदस्य राम सिंह कोरंगा ने बताया कि उत्तमानंद महराज प्रयागराज में चल रहे अर्द्धनग्न में स्नान करने के बाद बर्फ से ढकी वादियों में लौट आए हैं।
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उनका स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है। उनके पास जीवन रक्षक दवाइयां, भोजन सामग्री और ठंड से बचने के लिए कंबल और जलौनी लकड़ियां पर्याप्त मात्रा में हैं।