{"_id":"5b8c204442c792462d13573b","slug":"71535909956-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए आइडिए ने दिलाया गवर्नर टीचर अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए आइडिए ने दिलाया गवर्नर टीचर अवार्ड
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षण में नए आइडिया ने दिलाया गवर्नर टीचर्स अवार्ड
जटिल विषयों से भागते बच्चों को बताई सरल विधि
बागेश्वर। शिक्षण कार्य को रोचकता के साथ पढ़ाया जाए तो बच्चे शिक्षण से भागने की बजाय दिलचस्पी लेने लगते हैं। प्रथम नियुक्ति के बाद से ही भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता आलोक पांडेय ने यही किया। उन्होंने कठिन विषयों को सरलता के पढ़ाने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में रुचि ली। उनके इन्हीं कार्यों के दम पर गवर्नर टीचर्स अवार्ड के लिए चुने गए। शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाले शिक्षक आलोक पांडेय की माता मोहनी पांडेय बीते 40 सालों से शिक्षण कार्य करा रही हैं। पिता पीतांबर पांडेय व्यवसायी हैं। पत्नी ममता भी इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर तैनात हैं। वर्ष 2007 में राइंका सलानी में उन्हें पहली नियुक्ति मिली। पहले कार्यकाल में ही उन्होंने गणित जैसे विषय के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ाया। दुर्गम विद्यालय में बच्चों का प्रवेश बढ़ाने के लिए क्षेत्र के अभिभावकों से मिलकर प्रयास किया। बाद में कोटफुलवाड़ी में तबादला हुआ। बीते तीन साल से राइंका वज्यूला में भौतिक विज्ञान प्रवक्ता के पद पर कार्य कर रहे हैं। एनएसएस इकाई की स्थापना, पर्यावरण संरक्षण के कार्य किए। कालेज की 25 नाली भूमि में पौधरोपण के बच्चों व ग्रामीणों को प्रेरित किया। इसके अलावा वह में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
01बीजीएस 12पी
विज्ञापन
जटिल विषयों से भागते बच्चों को बताई सरल विधि
बागेश्वर। शिक्षण कार्य को रोचकता के साथ पढ़ाया जाए तो बच्चे शिक्षण से भागने की बजाय दिलचस्पी लेने लगते हैं। प्रथम नियुक्ति के बाद से ही भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता आलोक पांडेय ने यही किया। उन्होंने कठिन विषयों को सरलता के पढ़ाने के साथ साथ सामाजिक कार्यों में रुचि ली। उनके इन्हीं कार्यों के दम पर गवर्नर टीचर्स अवार्ड के लिए चुने गए। शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाले शिक्षक आलोक पांडेय की माता मोहनी पांडेय बीते 40 सालों से शिक्षण कार्य करा रही हैं। पिता पीतांबर पांडेय व्यवसायी हैं। पत्नी ममता भी इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर तैनात हैं। वर्ष 2007 में राइंका सलानी में उन्हें पहली नियुक्ति मिली। पहले कार्यकाल में ही उन्होंने गणित जैसे विषय के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ाया। दुर्गम विद्यालय में बच्चों का प्रवेश बढ़ाने के लिए क्षेत्र के अभिभावकों से मिलकर प्रयास किया। बाद में कोटफुलवाड़ी में तबादला हुआ। बीते तीन साल से राइंका वज्यूला में भौतिक विज्ञान प्रवक्ता के पद पर कार्य कर रहे हैं। एनएसएस इकाई की स्थापना, पर्यावरण संरक्षण के कार्य किए। कालेज की 25 नाली भूमि में पौधरोपण के बच्चों व ग्रामीणों को प्रेरित किया। इसके अलावा वह में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
01बीजीएस 12पी