{"_id":"5a53a4b94f1c1b5c0c8b7551","slug":"71515431097-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदन मोहन अध्यक्ष और सुरेंद्र बने महामंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदन मोहन अध्यक्ष और सुरेंद्र बने महामंत्री
Updated Mon, 08 Jan 2018 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के सरपंचों की बैठक में तहसील इकाई का गठन किया गया। तहसील इकाई के लिए मदन मोहन अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंह गढ़िया महामंत्री और जगत सिंह खाती कोषाध्यक्ष चुने गए।
वक्ताओं ने रीमा क्षेत्र में खड़िया खदान क्षेत्रों में गत 25-30 वर्ष से हो रहे बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान पर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में शासन-प्रशासन से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
ग्राम पंचायत उडियार के पंचायत भवन में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल और तीनों ब्लॉकों के अध्यक्षों की देखरेख में दुग नाकुरी तहसील वन पंचायत संगठन का गठन किया गया। संगठन के लिए सुरेंद्र सिंह गढ़िया उपाध्यक्ष, राम सिंह मेहता सचिव चुने गए।
विज्ञापन
कार्यकारिणी के लिए मंगल सिंह महर, राम सिंह, तारा सिंह, नंदन सिंह, रमी राम और खुशाल सिंह को सदस्य चुना गया। बैठक में सरपंचों ने कहा कि रीमा क्षेत्र में गत 25-30 वर्षों से खड़िया का बेतरतीब तरीके से खनन हो रहा है। पट्टाधारक वनीकरण के नाम पर धोखेबाजी कर रहे हैं।
मानक से अधिक गहराई तक खदान होने के कारण कई जलस्रोत सूख चुके हैं। रास्ते और पनघट ध्वस्त हो चुके हैं। वन पंचायतों को रायल्टी भी नहीं दी जा रही है। जांच की मांग करने पर कागजी खानापूर्ति की जाती है। वक्ताओं ने शासन-प्रशासन से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने और और वन पंचायतों की मजबूती के लिए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई।
विज्ञापन
वक्ताओं ने रीमा क्षेत्र में खड़िया खदान क्षेत्रों में गत 25-30 वर्ष से हो रहे बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान पर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में शासन-प्रशासन से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत उडियार के पंचायत भवन में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल और तीनों ब्लॉकों के अध्यक्षों की देखरेख में दुग नाकुरी तहसील वन पंचायत संगठन का गठन किया गया। संगठन के लिए सुरेंद्र सिंह गढ़िया उपाध्यक्ष, राम सिंह मेहता सचिव चुने गए।
विज्ञापन
कार्यकारिणी के लिए मंगल सिंह महर, राम सिंह, तारा सिंह, नंदन सिंह, रमी राम और खुशाल सिंह को सदस्य चुना गया। बैठक में सरपंचों ने कहा कि रीमा क्षेत्र में गत 25-30 वर्षों से खड़िया का बेतरतीब तरीके से खनन हो रहा है। पट्टाधारक वनीकरण के नाम पर धोखेबाजी कर रहे हैं।
मानक से अधिक गहराई तक खदान होने के कारण कई जलस्रोत सूख चुके हैं। रास्ते और पनघट ध्वस्त हो चुके हैं। वन पंचायतों को रायल्टी भी नहीं दी जा रही है। जांच की मांग करने पर कागजी खानापूर्ति की जाती है। वक्ताओं ने शासन-प्रशासन से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने और और वन पंचायतों की मजबूती के लिए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई।