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कठपुड़ियाछीना विकासखंड की मांग को लेकर प्रदर्शन
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:27 PM IST
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बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना को विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर जन संघर्ष समिति ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही कठपुड़ियाछीना को विकासखंड का दर्जा नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह खरही, रीठागाड़ और धूराफाट क्षेत्र की चार न्याय पंचायतों की 49 ग्राम पंचायतें अविभाजित अल्मोड़ा जिले के समय ताकुला और भैंसियाछीना विकासखंडों में शामिल थीं। वर्ष 1997 में अल्मोड़ा जिले का विभाजन कर बागेश्वर जिले का गठन करने के बाद इन ग्राम पंचायतों को बागेश्वर से संबद्ध कर दिया गया।
तब से कठपुड़ियाछीना को विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर 1998 में आंदोलन किया गया था। तब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन आज आश्वासन पर अमल नहीं हो सका है। जन संघर्ष समिति ने कहा कि विकासखंड नहीं बनने से क्षेत्र का विकास रुका हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र, ओमप्रकाश, भूपाल सिंह, पूरन सिंह, धरम सिंह, जानकी देवी सहित दर्जनों क्षेत्रवासी शामिल थे।
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प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह खरही, रीठागाड़ और धूराफाट क्षेत्र की चार न्याय पंचायतों की 49 ग्राम पंचायतें अविभाजित अल्मोड़ा जिले के समय ताकुला और भैंसियाछीना विकासखंडों में शामिल थीं। वर्ष 1997 में अल्मोड़ा जिले का विभाजन कर बागेश्वर जिले का गठन करने के बाद इन ग्राम पंचायतों को बागेश्वर से संबद्ध कर दिया गया।
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तब से कठपुड़ियाछीना को विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर 1998 में आंदोलन किया गया था। तब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन आज आश्वासन पर अमल नहीं हो सका है। जन संघर्ष समिति ने कहा कि विकासखंड नहीं बनने से क्षेत्र का विकास रुका हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र, ओमप्रकाश, भूपाल सिंह, पूरन सिंह, धरम सिंह, जानकी देवी सहित दर्जनों क्षेत्रवासी शामिल थे।
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