{"_id":"5cc73edcbdec2207203ab979","slug":"51556561628-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खोली ग्राम सभा में एक दिन छोड़कर आ रहा पानी वो भी सिर्फ दो घंटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खोली ग्राम सभा में एक दिन छोड़कर आ रहा पानी वो भी सिर्फ दो घंटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। ग्राम सभा खोली में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। इस ग्राम सभा में एक-एक दिन छोड़कर पानी आ रहा है वो भी सिर्फ दो घंटे के लिए। ऐसे में ग्रामीणों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ग्राम सभा खोली में काकड़ा, खोली, कुरमरिया, चमरथा और पातली इजर कुल पांच तोक हैं। इनमें तकरीबन 2,000-2,200 की आबादी है। इस आबादी को 40-50 साल पुरानी मिहनिया पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्राम सभा में आबादी बढ़ने से पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है। हालत इतनी बदतर है कि ग्राम सभा में एक-एक दिन छोड़कर पानी आता है वो भी सिर्फ सुबह सात-नौ बजे तक।
भीषण गर्मी में पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों को बुरा हाल है। उन्होंने गांव में स्वीकृत पेयजल योजना शुरू कराने की मांग की है ताकि गर्मी में पानी का संकट दूर हो सके। ईई एमके टम्टा ने बताया कि रोस्टर बना कर आपूर्ति की जा रही है, कुल खपत के अपेक्षा कृत पानी कम मिलने की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
विज्ञापन
---
लोगों से परिचर्चा
कोट - जल निगम से कई दफा स्वीकृत पेयजल योजना के निर्माण की मांग की गई है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। डीएम से भी मिलकर योजना शुरू कराने की मांग की गई है। - कुंवर सिंह परिहार, ग्राम प्रधान
कोट - पेयजल योजना के लिए निविदा हो गई है, फिर भी काम शुरू नहीं हो सका है। यदि समय से काम शुरू किया गया हो तो ग्रामीणों को पानी की कमी से नहीं जूझना पड़ता है। विभागों को संवेदनशील होना चाहिए। - पूर्ण चंद्र कांडपाल
कोट - जिले में चारों तरफ नदियां ही नदियां लेकिन ग्रामीणों की प्यास तक नहीं बुझ पा रही है। जल संस्थान, जल निगम को आबादी बढ़ने के साथ ही पेयजल योजनाएं भी बनानी चाहिए। - कमलेश कांडपाल
कोट - गांव में योजना स्वीकृत होने से काम नहीं चलता है, योजनाओं को धरातल पर भी लाना होता है। अब कब काम शुरू होगा, कब योजना चालू होगी तब तक आबादी और तोक बढ़ गए होंगे तब इस योजना का भी फायदा नहीं होगा। - दिनेश चंद्र कांडपाल
अधिकारी का कोट - गांव में पेयजल लाइन बिछाने को लेकर विवाद है। विवाद सुलझाकर पेयजल योजना का काम शुरू किया जाएगा। - छत्रपाल सिंह गंगवार, ईई, पेयजल निगम
विज्ञापन
ग्राम सभा खोली में काकड़ा, खोली, कुरमरिया, चमरथा और पातली इजर कुल पांच तोक हैं। इनमें तकरीबन 2,000-2,200 की आबादी है। इस आबादी को 40-50 साल पुरानी मिहनिया पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्राम सभा में आबादी बढ़ने से पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है। हालत इतनी बदतर है कि ग्राम सभा में एक-एक दिन छोड़कर पानी आता है वो भी सिर्फ सुबह सात-नौ बजे तक।
विज्ञापन
भीषण गर्मी में पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों को बुरा हाल है। उन्होंने गांव में स्वीकृत पेयजल योजना शुरू कराने की मांग की है ताकि गर्मी में पानी का संकट दूर हो सके। ईई एमके टम्टा ने बताया कि रोस्टर बना कर आपूर्ति की जा रही है, कुल खपत के अपेक्षा कृत पानी कम मिलने की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
विज्ञापन
---
लोगों से परिचर्चा
कोट - जल निगम से कई दफा स्वीकृत पेयजल योजना के निर्माण की मांग की गई है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। डीएम से भी मिलकर योजना शुरू कराने की मांग की गई है। - कुंवर सिंह परिहार, ग्राम प्रधान
कोट - पेयजल योजना के लिए निविदा हो गई है, फिर भी काम शुरू नहीं हो सका है। यदि समय से काम शुरू किया गया हो तो ग्रामीणों को पानी की कमी से नहीं जूझना पड़ता है। विभागों को संवेदनशील होना चाहिए। - पूर्ण चंद्र कांडपाल
कोट - जिले में चारों तरफ नदियां ही नदियां लेकिन ग्रामीणों की प्यास तक नहीं बुझ पा रही है। जल संस्थान, जल निगम को आबादी बढ़ने के साथ ही पेयजल योजनाएं भी बनानी चाहिए। - कमलेश कांडपाल
कोट - गांव में योजना स्वीकृत होने से काम नहीं चलता है, योजनाओं को धरातल पर भी लाना होता है। अब कब काम शुरू होगा, कब योजना चालू होगी तब तक आबादी और तोक बढ़ गए होंगे तब इस योजना का भी फायदा नहीं होगा। - दिनेश चंद्र कांडपाल
अधिकारी का कोट - गांव में पेयजल लाइन बिछाने को लेकर विवाद है। विवाद सुलझाकर पेयजल योजना का काम शुरू किया जाएगा। - छत्रपाल सिंह गंगवार, ईई, पेयजल निगम