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बागनाथ नगरी में नहीं हो सका रोपवे का निर्माण
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:34 AM IST
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बागेश्वर। साहसिक पर्यटन की अपार संभावना समेटे बागेश्वर को रोपवे का सपना तो दिखाया गया, लेकिन बीते साल से इस दिशा में सरकार और पर्यटन विभाग कोई भी ठोस पहल नहीं कर सका है। निकाय चुनाव में रोपवे का निर्माण का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। शहर के मतदाता प्रत्याशियों को रोपवे मामले में कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। बागनाथ नगरी में रोपवे लगाकर पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने की योजना 1997 से प्रस्तावित है।
दो नदियों के बीच बसे बागेश्वर शहर में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बीते बीस सालों से नीलेश्वर और भीलेश्वर पर्वतों के बीच रोपवे लगाने की योजना प्रस्तावित है। सरकार और पर्यटन विभाग इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं कर सका है। सरकार यदि रोपवे का निर्माण करती है तो यहां पर्यटन व्यवसाय को काफी लाभ होगा। स्थानीय व्यापारियों को भी इसका लाभ होगा। बाहर से आने वाले पर्यटक भी रोपवे सहित साहसिक पर्यटन का लाभ उठा सकते हैं।
बागेश्वर में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावना है। लेकिन इस दिशा में सरकारों ने प्रयास नहीं किए। बागेश्वर का विकास स्थानीय परिस्थिति और आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
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पंकज पांडेय, व्यापारी
बागनाथ नगरी में रोपवे का निर्माण किया जाना जरूरी है। बागनाथ मंदिर और संगम के दर्शन के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रोपवे और कृत्रिम झील का निर्माण किया जाना जरूरी है।
चंदन राना, व्यापारी
धार्मिक और साहसिक पर्यटन के विकास के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। बीते 20 सालों से रोपवे और कृत्रिम झील के निर्माण के प्रयास नहीं हुए जो कि सरकारों की विफलता का प्रमाण है।
डॉ. राजेंद्र बिष्ट, व्यापारी
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दो नदियों के बीच बसे बागेश्वर शहर में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बीते बीस सालों से नीलेश्वर और भीलेश्वर पर्वतों के बीच रोपवे लगाने की योजना प्रस्तावित है। सरकार और पर्यटन विभाग इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं कर सका है। सरकार यदि रोपवे का निर्माण करती है तो यहां पर्यटन व्यवसाय को काफी लाभ होगा। स्थानीय व्यापारियों को भी इसका लाभ होगा। बाहर से आने वाले पर्यटक भी रोपवे सहित साहसिक पर्यटन का लाभ उठा सकते हैं।
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बागेश्वर में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावना है। लेकिन इस दिशा में सरकारों ने प्रयास नहीं किए। बागेश्वर का विकास स्थानीय परिस्थिति और आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
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पंकज पांडेय, व्यापारी
बागनाथ नगरी में रोपवे का निर्माण किया जाना जरूरी है। बागनाथ मंदिर और संगम के दर्शन के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रोपवे और कृत्रिम झील का निर्माण किया जाना जरूरी है।
चंदन राना, व्यापारी
धार्मिक और साहसिक पर्यटन के विकास के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। बीते 20 सालों से रोपवे और कृत्रिम झील के निर्माण के प्रयास नहीं हुए जो कि सरकारों की विफलता का प्रमाण है।
डॉ. राजेंद्र बिष्ट, व्यापारी