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वनाग्नि को रोकने के लिए मुस्तैदी से कार्य करें : मुख्य सचिव
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:53 PM IST
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बागेश्वर। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वनाग्नि रोकने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने डीएम और वन विभाग के अधिकारियों को वनाग्नि की रोकथाम के लिए मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए। कहा कि उन क्षेत्रों को चिन्हित करें जहां वनाग्नि की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी वन अग्नि प्रबंध योजना को नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराएं। जहां क्रू स्टेशन स्थापित नहीं हुए हैं वहां शीघ्र क्रू स्टेशन बना कर कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चत करें। वनाग्नि की रोकथाम के लिए मैन पावर और फायर लाइनें बढ़ाने और आग लगने पर तत्काल नियंत्रण कक्ष में सूचना देने के लिए निर्देशित किया।
कहा कि वन विभाग के अधिकारी आपदा प्रबंधन को सभी क्रू-स्टेशनों में नियुक्त कार्मिकों की सूची उपलब्ध कराएं। कम्यूनिकेशन सिस्टम को सक्रिय रखें वायरलैस सेटों की समुचित व्यवस्था रखें। आरक्षित वन क्षेत्र के साथ-साथ सिविल वनों एवं वन पंचायत के वनों में भी अग्नि सुरक्षा के लिए राजस्व विभाग, ग्राम प्रधान, सरपंचों और ग्रामीणों का सहयोग लेकर वनाग्नि को कम करने का प्रयास करें।
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इस मौके पर आग से जंगलों की सुरक्षा के लिए जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तरीय कमेटी गठित कर प्रत्येक सप्ताह और 15 दिन में बैठकें आयोजित करने को कहा गया। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि वन अग्नि प्रबंध योजना तैयार कर नोडल अधिकारी को दी जा चुकी है। जिला वनाग्नि समिति की बैठक आयोजित की गई है। ब्लॉक स्तर, ग्राम स्तर की समितियां गठित कर गांवों में गोष्ठी आयोजित कर लोगों को वनाग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे चालू है।
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मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी वन अग्नि प्रबंध योजना को नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराएं। जहां क्रू स्टेशन स्थापित नहीं हुए हैं वहां शीघ्र क्रू स्टेशन बना कर कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चत करें। वनाग्नि की रोकथाम के लिए मैन पावर और फायर लाइनें बढ़ाने और आग लगने पर तत्काल नियंत्रण कक्ष में सूचना देने के लिए निर्देशित किया।
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कहा कि वन विभाग के अधिकारी आपदा प्रबंधन को सभी क्रू-स्टेशनों में नियुक्त कार्मिकों की सूची उपलब्ध कराएं। कम्यूनिकेशन सिस्टम को सक्रिय रखें वायरलैस सेटों की समुचित व्यवस्था रखें। आरक्षित वन क्षेत्र के साथ-साथ सिविल वनों एवं वन पंचायत के वनों में भी अग्नि सुरक्षा के लिए राजस्व विभाग, ग्राम प्रधान, सरपंचों और ग्रामीणों का सहयोग लेकर वनाग्नि को कम करने का प्रयास करें।
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इस मौके पर आग से जंगलों की सुरक्षा के लिए जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तरीय कमेटी गठित कर प्रत्येक सप्ताह और 15 दिन में बैठकें आयोजित करने को कहा गया। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि वन अग्नि प्रबंध योजना तैयार कर नोडल अधिकारी को दी जा चुकी है। जिला वनाग्नि समिति की बैठक आयोजित की गई है। ब्लॉक स्तर, ग्राम स्तर की समितियां गठित कर गांवों में गोष्ठी आयोजित कर लोगों को वनाग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे चालू है।