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Bageshwar News: निर्माता, विपणनकर्ता और खाद्य कारोबारी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड
Wed, 12 Jun 2024 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 12 Jun 2024 11:33 PM IST
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लाल मिर्च का पाउडर अधोमानक पाए जाने का मामला
बागेश्वर। लाल मिर्च पाउडर का नमूना फेल होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिह की अदालत ने निर्माता कंपनी के साथ ही विपणनकर्ता और खाद्य कारोबारी को 50-50 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह का साधारण कारावास भोगना होगा।
18 जनवरी 2021 को तत्कालीन वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र ने मैसर्स साह आयुर्वेदिक हर्बल स्टोर, कैलखुरिया पिंडारी रोड बागेश्वर से संदेह के आधार पर लाल मिर्च पाउडर का नमूना लिया। नमूने को जांच के लिए राजकीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषण शाला रुद्रपुर भेजा गया था। 26 जुलाई 2021 को राजकीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषण शाला रुद्रपुर ने नमूने को अधोमानक घोषित किया गया।
20 सितंबर 2021 को निर्माता कंपनी ने नमूने की फिर से जांच के लिए अनुरोध पत्र प्रेषित किया। गाजियाबाद की प्रयोगशाला से फिर नमूनों की जांच कराई गई। प्रयोगशाला की 29 सितंबर 2021 को जारी जांच रिपोर्ट में नमूना असुरक्षित घोषित किया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अनुमति के पश्चात संंबंधित आरोपियों के खिलाफ विपिन कुमार खाद्य सुरक्षा अधिकारी बागेश्वर ने 25 नवंबर 2021 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद पत्र प्रस्तुत किया। 10 जून (2024) को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह ने खाद्य मानक के अंतर्गत दोष सिद्ध करते हुए निर्माता कंपनी इन्द्रजीत शर्मा अमृतसर, हल्दी सेल्स कारपोरेशन अमृतसर, विपणन कर्ता संदीप कुमार इंटरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड लुधियाना और खाद्य कारोबारकर्ता मैसर्स साह आयुर्वेदिक हर्बल स्टोर कैलखुरिया (बागेश्वर) को 50,000-50, 000 के अर्थदंड से दंडित किया।
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बागेश्वर। लाल मिर्च पाउडर का नमूना फेल होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिह की अदालत ने निर्माता कंपनी के साथ ही विपणनकर्ता और खाद्य कारोबारी को 50-50 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह का साधारण कारावास भोगना होगा।
18 जनवरी 2021 को तत्कालीन वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र ने मैसर्स साह आयुर्वेदिक हर्बल स्टोर, कैलखुरिया पिंडारी रोड बागेश्वर से संदेह के आधार पर लाल मिर्च पाउडर का नमूना लिया। नमूने को जांच के लिए राजकीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषण शाला रुद्रपुर भेजा गया था। 26 जुलाई 2021 को राजकीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषण शाला रुद्रपुर ने नमूने को अधोमानक घोषित किया गया।
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20 सितंबर 2021 को निर्माता कंपनी ने नमूने की फिर से जांच के लिए अनुरोध पत्र प्रेषित किया। गाजियाबाद की प्रयोगशाला से फिर नमूनों की जांच कराई गई। प्रयोगशाला की 29 सितंबर 2021 को जारी जांच रिपोर्ट में नमूना असुरक्षित घोषित किया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अनुमति के पश्चात संंबंधित आरोपियों के खिलाफ विपिन कुमार खाद्य सुरक्षा अधिकारी बागेश्वर ने 25 नवंबर 2021 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद पत्र प्रस्तुत किया। 10 जून (2024) को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह ने खाद्य मानक के अंतर्गत दोष सिद्ध करते हुए निर्माता कंपनी इन्द्रजीत शर्मा अमृतसर, हल्दी सेल्स कारपोरेशन अमृतसर, विपणन कर्ता संदीप कुमार इंटरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड लुधियाना और खाद्य कारोबारकर्ता मैसर्स साह आयुर्वेदिक हर्बल स्टोर कैलखुरिया (बागेश्वर) को 50,000-50, 000 के अर्थदंड से दंडित किया।
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