{"_id":"6009c06e8ebc3e34462c6d6e","slug":"46106-families-of-bageshwar-associated-with-water-life-mission-bageshwar-news-hld4120237129","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल जीवन मिशन से जुड़े बागेश्वर के 46106 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल जीवन मिशन से जुड़े बागेश्वर के 46106 परिवार
विज्ञापन
बागेश्वर। जल जीवन मिशन के कार्यक्रम निदेशक और प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हर घर को प्राथमिकता के अनुसार नल से जल उपलब्ध कराने को कहा। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
प्रभारी निदेशक ने अधिकारियों से तेजी के साथ कार्य करने को कहा। कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने, डाटा को प्रापर तरीके से फीड करने और जिले के लक्ष्य को 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान डीएम विनीत कुमार ने बताया कि जिले में योजना के तहत 840 गांवों के 52156 परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष 46106 परिवारों को संयोजन उपलब्ध करा दिया गया है। जिले के 909 विद्यालयों में से 409 और 793 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 789 में पेयजल संयोजन दिया जा चुका है। सांसद आदर्श ग्राम योजना वाछम में शत प्रतिशत और सूपी में 417 लोगों को संयोजन प्राप्त हो चुका है। संबंधित विभागों की निरंतर समीक्षा कर कार्यों को त्वरित गति और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी, ईई जल निगम सीपीएस गंगवार, जल संस्थान सीएस देवड़ी आदि मौजूद रहे।
जीआईसी लोधिया में पानी नहीं आने से विद्यार्थी परेशान
अल्मोड़ा। जीआईसी लोधिया में हुई शिक्षक अभिभावक संघ और स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में स्कूल में व्याप्त पेयजल समस्या पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने जल संस्थान से शीघ्र छात्र हित में शीघ्र आपूर्ति अविलंब सुनिश्चित करने की मांग की है। वक्ताओं ने कहा कि पेयजल समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दो नवंबर से स्कूल में शिक्षण कार्य कर चला है लेकिन पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। पीटीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लटवाल ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसएमसी अध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि स्कूल में पेयजल आपूर्ति नहीं होना गंभीर समस्या है। प्रधानाचार्य शंकर लाल टम्टा ने बताया कि पेयजल आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभारी निदेशक ने अधिकारियों से तेजी के साथ कार्य करने को कहा। कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने, डाटा को प्रापर तरीके से फीड करने और जिले के लक्ष्य को 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान डीएम विनीत कुमार ने बताया कि जिले में योजना के तहत 840 गांवों के 52156 परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष 46106 परिवारों को संयोजन उपलब्ध करा दिया गया है। जिले के 909 विद्यालयों में से 409 और 793 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 789 में पेयजल संयोजन दिया जा चुका है। सांसद आदर्श ग्राम योजना वाछम में शत प्रतिशत और सूपी में 417 लोगों को संयोजन प्राप्त हो चुका है। संबंधित विभागों की निरंतर समीक्षा कर कार्यों को त्वरित गति और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी, ईई जल निगम सीपीएस गंगवार, जल संस्थान सीएस देवड़ी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जीआईसी लोधिया में पानी नहीं आने से विद्यार्थी परेशान
अल्मोड़ा। जीआईसी लोधिया में हुई शिक्षक अभिभावक संघ और स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में स्कूल में व्याप्त पेयजल समस्या पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने जल संस्थान से शीघ्र छात्र हित में शीघ्र आपूर्ति अविलंब सुनिश्चित करने की मांग की है। वक्ताओं ने कहा कि पेयजल समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दो नवंबर से स्कूल में शिक्षण कार्य कर चला है लेकिन पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। पीटीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लटवाल ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसएमसी अध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि स्कूल में पेयजल आपूर्ति नहीं होना गंभीर समस्या है। प्रधानाचार्य शंकर लाल टम्टा ने बताया कि पेयजल आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन