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45 स्कूलों के 1500 बच्चे अंग्रेजी बोलना सीखेंगे
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:03 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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रमसा के तहत जिले के 45 सरकारी स्कूलों का चयन अंग्रेजी के विशेष प्रशिक्षण के लिए हुआ है। चयनित स्कूलों के नवीं व दसवीं कक्षाओं के लगभग 1500 छात्र-छात्राओं को पहली जनवरी से दो माह तक अंग्रेजी लिखने और बोलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मालूम हो कि हिन्दी पाठ्यक्रम होने से सरकारी स्कूलों के ज्यादातर बच्चे अंग्रेजी भाषा में कमजोर होते हैं। अंग्रेजी बोलने के अलावा बच्चों को अंग्रेजी भाषा में अन्य कामकाज निपटाने में दिक्कतें आती हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अंग्रेजी बोलने के साथ ही अंग्रेजी भाषा में अपने सामान्य कामकाज निपटाएं इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।
रमसा के जिला परियोजना अधिकारी नरेश शर्मा और जिला समन्वयक हेम जोशी ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के 45 स्कूलों का चयन अंग्रेजी के विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है। चयनित 45 स्कूलों के नवीं और दसवीं कक्षा के लगभग 1500 छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पहली जनवरी से शुरू किया जाएगा जो दो माह तक चलेगा। अंग्रेजी सिखाने की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस संस्था को दी गई है।
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इन स्कूलों में चलेगा विशेष प्रशिक्षण
जीआईसी बागेश्वर, हड़बाड़, देवतोली, भेटा, कांडा, बाजीरोट, सानीउडियार, खुनौली, मंडलसेरा, तुपेड़, सैंज, असौं, देवलधार, बिलौना, बनलेख, गुलेर, बघर, चौड़ास्थल, मजखेत, स्यांकोट, भंतोला, बैड़ामझेड़ा, कौलाग, पोथिंग, तिलाड़ी, बैसानी, सौंग, सोराग, सनगाड़, कौसानी, छतियानी, रातिरकेटी, लोहारचौरा, धैना, तिलसारी, जीजीआईसी दोफाड़, कांडा,ऐठान, लामाचौरा, मथुरौपाटली, गलाई कंधार, लीती, आरे, पगना, उद्यमस्थल।
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मालूम हो कि हिन्दी पाठ्यक्रम होने से सरकारी स्कूलों के ज्यादातर बच्चे अंग्रेजी भाषा में कमजोर होते हैं। अंग्रेजी बोलने के अलावा बच्चों को अंग्रेजी भाषा में अन्य कामकाज निपटाने में दिक्कतें आती हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अंग्रेजी बोलने के साथ ही अंग्रेजी भाषा में अपने सामान्य कामकाज निपटाएं इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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रमसा के जिला परियोजना अधिकारी नरेश शर्मा और जिला समन्वयक हेम जोशी ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के 45 स्कूलों का चयन अंग्रेजी के विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है। चयनित 45 स्कूलों के नवीं और दसवीं कक्षा के लगभग 1500 छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पहली जनवरी से शुरू किया जाएगा जो दो माह तक चलेगा। अंग्रेजी सिखाने की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस संस्था को दी गई है।
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इन स्कूलों में चलेगा विशेष प्रशिक्षण
जीआईसी बागेश्वर, हड़बाड़, देवतोली, भेटा, कांडा, बाजीरोट, सानीउडियार, खुनौली, मंडलसेरा, तुपेड़, सैंज, असौं, देवलधार, बिलौना, बनलेख, गुलेर, बघर, चौड़ास्थल, मजखेत, स्यांकोट, भंतोला, बैड़ामझेड़ा, कौलाग, पोथिंग, तिलाड़ी, बैसानी, सौंग, सोराग, सनगाड़, कौसानी, छतियानी, रातिरकेटी, लोहारचौरा, धैना, तिलसारी, जीजीआईसी दोफाड़, कांडा,ऐठान, लामाचौरा, मथुरौपाटली, गलाई कंधार, लीती, आरे, पगना, उद्यमस्थल।