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न उपकरणों का पता, न फर्नीचर भवन में टांग दिया ट्रामा सेंटर का बोर्ड
Updated Wed, 29 Nov 2017 06:42 PM IST
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बस बोर्ड ही दे रहा है ट्रामा सेंटर की गवाही
- हाइकोर्ट की फटकार के बाद ही कदम आगे बढ़ा रहा है स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। हाइकोर्ट के दिए गए सख्त निर्देश के एक साल बाद भी बागेश्वर का ट्रामा सेंटर शुरू नहीं हो सका। हालात यह हैं कि न्यायालय की फटकार के बाद ही स्वास्थ्य महकमा अपना एक कदम आगे बढ़ा रहा है। इस माह कोर्ट की ओर से दो बार मिली फटकार के बावजूद ट्रामा सेंटर के भवन में एक मात्र बोर्ड ही लग पाया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़े बागेश्वर जिले की 2.50 लाख की आबादी को आपातकालीन सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में जिला अस्पताल के पास करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक के भवन बनाए गए। निर्माण के तीन साल तक इनका संचालन नहीं होने पर नागरिक मंच की ओर से उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पिछले साल 10 नवंबर 2016 को स्वास्थ्य विभाग को चार सप्ताह के भीतर ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद विभाग ने ब्लड बैंक खोलने की कवायद शुरू की। कोर्ट की ओर से बीच-बीच में संज्ञान लेने के बाद भी ब्लड बैंक की जगह ब्लड स्टोरेज सेंटर खोलकर इतिश्री कर दी गई। इसके बाद विभाग ने ट्रामा सेंटर के संचालन के लिए लगभग छह माह पूर्व स्टॉफ तैनात कर दिया, लेकिन ट्रामा सेंटर में उपकरण नहीं पहुंचने से डॉक्टर और कर्मचारी लंबे समय से जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। एक पखवाड़े पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्रामा सेंटर के भवन की सफाई करने के बाद भवन में एक बोर्ड लटका दिया गया है। ट्रामा सेंटर में सिटी स्केन और सीआर्म मशीनों के साथ ही आर्थोपैडिक सर्जन की तैनाती कब होगी, इनका किसी को पता नहीं है।
पांच डॉक्टरों सहित 19 कर्मचारी हैं तैनात
बागेश्वर। बिना उपकरणों के संचालित किए जा रहे ट्रामा सेंटर के नाम पर पिछले छह माह से 19 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें एक सर्जन, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक निश्चेतक, दो ईएमओ, पांच नर्स, एक एक्सरे तकनीशियन, दो वाहन चालक, दो कक्ष सेवक, दो वार्ड आया, दो स्वच्छक शामिल हैं। कुल स्वीकृत 33 पदों के सापेक्ष 14 पद अभी भी खाली हैं।
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ट्रामा सेंटर में डॉक्टर और तकनीशियन सहित 19 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है। जरूरी उपकरणों की उपलब्धता के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। व्यवस्थाएं जल्द ही पूरी कर दी जाएंगी।
- डॉ. बसंत, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर।
29 बीजीएस 12 पी - बागेश्वर में ट्रामा सेंटर के भवन पर टंगा बोर्ड।
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- हाइकोर्ट की फटकार के बाद ही कदम आगे बढ़ा रहा है स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। हाइकोर्ट के दिए गए सख्त निर्देश के एक साल बाद भी बागेश्वर का ट्रामा सेंटर शुरू नहीं हो सका। हालात यह हैं कि न्यायालय की फटकार के बाद ही स्वास्थ्य महकमा अपना एक कदम आगे बढ़ा रहा है। इस माह कोर्ट की ओर से दो बार मिली फटकार के बावजूद ट्रामा सेंटर के भवन में एक मात्र बोर्ड ही लग पाया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़े बागेश्वर जिले की 2.50 लाख की आबादी को आपातकालीन सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में जिला अस्पताल के पास करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक के भवन बनाए गए। निर्माण के तीन साल तक इनका संचालन नहीं होने पर नागरिक मंच की ओर से उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पिछले साल 10 नवंबर 2016 को स्वास्थ्य विभाग को चार सप्ताह के भीतर ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद विभाग ने ब्लड बैंक खोलने की कवायद शुरू की। कोर्ट की ओर से बीच-बीच में संज्ञान लेने के बाद भी ब्लड बैंक की जगह ब्लड स्टोरेज सेंटर खोलकर इतिश्री कर दी गई। इसके बाद विभाग ने ट्रामा सेंटर के संचालन के लिए लगभग छह माह पूर्व स्टॉफ तैनात कर दिया, लेकिन ट्रामा सेंटर में उपकरण नहीं पहुंचने से डॉक्टर और कर्मचारी लंबे समय से जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। एक पखवाड़े पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्रामा सेंटर के भवन की सफाई करने के बाद भवन में एक बोर्ड लटका दिया गया है। ट्रामा सेंटर में सिटी स्केन और सीआर्म मशीनों के साथ ही आर्थोपैडिक सर्जन की तैनाती कब होगी, इनका किसी को पता नहीं है।
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पांच डॉक्टरों सहित 19 कर्मचारी हैं तैनात
बागेश्वर। बिना उपकरणों के संचालित किए जा रहे ट्रामा सेंटर के नाम पर पिछले छह माह से 19 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें एक सर्जन, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक निश्चेतक, दो ईएमओ, पांच नर्स, एक एक्सरे तकनीशियन, दो वाहन चालक, दो कक्ष सेवक, दो वार्ड आया, दो स्वच्छक शामिल हैं। कुल स्वीकृत 33 पदों के सापेक्ष 14 पद अभी भी खाली हैं।
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ट्रामा सेंटर में डॉक्टर और तकनीशियन सहित 19 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है। जरूरी उपकरणों की उपलब्धता के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। व्यवस्थाएं जल्द ही पूरी कर दी जाएंगी।
- डॉ. बसंत, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर।
29 बीजीएस 12 पी - बागेश्वर में ट्रामा सेंटर के भवन पर टंगा बोर्ड।