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सिलेंडर नहीं मिलने से जंगलों का रुख कर रहे लोग
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:10 PM IST
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बागेश्वर। नगर में रसोई गैस का संकट जारी है। लोगों को सिलेंडर के लिए एक से डेढ़ सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं होने से कई लोग लकड़ियों के लिए जंगलों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
प्लांट से जरूरत के अनुसार सिलेंडर नहीं आने से बागेश्वर में पिछले दो माह से रसोई गैस का जबरदस्त संकट बना हुआ है। जिला मुख्यालय की एजेंसी में सिलेंडरों का बैकलॉग अभी भी एक हजार से अधिक है। नगर क्षेत्र के लोगों को सिलेंडर के लिए एक से डेढ़ सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में एक से डेढ़ माह के बाद सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। वाहन पहुंचते ही सिलेंडरों के लिए मारामारी की स्थिति हो रही है। लगातार दो महीनों से सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लकड़ियों में खाना बनाने को मजबूर हो रहे हैं। एजेंसी के प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया कि अब प्लांट से नियमित दो वाहन आ रहे हैं।
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बैकलॉग में काफी कमी आई है। जल्दी हालात सामान्य हो जाएंगे। इधर जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी रसोई गैस का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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प्लांट से जरूरत के अनुसार सिलेंडर नहीं आने से बागेश्वर में पिछले दो माह से रसोई गैस का जबरदस्त संकट बना हुआ है। जिला मुख्यालय की एजेंसी में सिलेंडरों का बैकलॉग अभी भी एक हजार से अधिक है। नगर क्षेत्र के लोगों को सिलेंडर के लिए एक से डेढ़ सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में एक से डेढ़ माह के बाद सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। वाहन पहुंचते ही सिलेंडरों के लिए मारामारी की स्थिति हो रही है। लगातार दो महीनों से सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लकड़ियों में खाना बनाने को मजबूर हो रहे हैं। एजेंसी के प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया कि अब प्लांट से नियमित दो वाहन आ रहे हैं।
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बैकलॉग में काफी कमी आई है। जल्दी हालात सामान्य हो जाएंगे। इधर जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी रसोई गैस का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।