कपकोट/बागेश्वर। पिंडर घाटी के बोराचक, किलपारा और वाछम में 1.73 करोड़ रुपये की लागत से बनी 26 योजनाओं से 367 घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध हो गया है। इन गांवों में लोक विज्ञान संस्थान ने टाटा ट्रस्ट के वित्तीय सहयोग से पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया गया है। योजना को धरातल तक पहुंचाने में सहयोग करने वाली ग्रामीण पेयजल उप समितियों को संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया।
कपकोट के एक निजी बैंक्वेट हॉल में लोक विज्ञान संस्थान, हंस फाउंडेशन और टाटा ट्रस्ट की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन कराया गया। मुख्य अतिथि तहसीलदार पूजा शर्मा ने कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ किया। उन्होंने पेयजल योजनाओं में ग्रामीणों की सहभागिता की सराहना की। प्रोजक्ट इंजीनियर आदर्श शुक्ला और अखिलेश रावत ने बताया कि हर घर को दो कनेक्शन एक किचन और एक शौचालय के लिए दिया गया है। इस योजना को पहाड़ की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। पीएसआई के पर्यावरण प्रबंधक पूरन बर्तवाल ने पिंडर घाटी में चल रही योजनाओं और उनके रखरखाव की जानकारी दी। सिंचाई विभाग के सहायक सिंचाई अभियंता जगत सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए अन्य योजनाओं में भी भागीदारी बढ़ाने को कहा। पीएसआई के भगवती पांडेय ने घरेलू पेयजल योजना में महिलाओं की प्रबंधकीय भूमिका बढ़ाने की बात कही। कार्यक्रम में पेयजल उप समिति की हेमा देवी, दया देवी, रेखा देवी, मालती देवी, गोविंद सिंह ने भी विचार रखे। इस मौके पर हंस फाउंडेशन के एनबी अवस्थी भी मौजूद रहे।