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पेयजल योजना ध्वस्त होने से 120 परिवार परेशान
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कलक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में डीएम रंजना राजगुरु को समस्याएं बताते फरियादी।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई हुई। इसमें कई गांवों से आए फरियादियों ने 33 शिकायतें दर्ज कराईं। बघर के ग्रामीणों ने बताया कि सौधारा में स्वैप मोड की पेयजल लाइन ध्वस्त हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के करीब 120 परिवार परेशान हैं। डीएम ने बीडीओ आलोक भंडारी से इसका प्रस्ताव देने को कहा।
कार्यक्रम में लोगों ने कपकोट के भनार में संचार व्यवस्था सुधारने के लिए मोबाइल टावर लगाने की मांग की। उन्होंने नौकाना भनार से बसोरा भनार, डानाटिकटा मोटर मार्ग भी बनवाने को भी कहा। डीएम ने विभागीय अधिकारियों से समस्याएं सुलझाकर इसकी सूचना संबंधित पक्षों को भी देने, पूरा बजट खर्च करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करवाने को कहा। बताया कि दैवी आपदा से विभागीय संपत्ति को हो रही क्षति भी अभिलेखों में दर्ज कराई जानी चाहिए।
इन्होंने भी रखीं समस्याएं
ग्राम बजीना निवासी बहादुर राम ने बताया कि लोनिवि के माध्यम से हुए सड़क निर्माण के दौरान उनके मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम कुलाऊं निवासी शेर सिंह निवासी ने पड़ोसियों पर उनकी सिंचित खेती का पानी रोकने का आरोप लगाया। ग्राम जार्ती निवासी चंचल सिंह ने बताया कि बैड़ामझेड़ा से आ रही सड़क से गांव के 10 परिवारों को भूस्खलन का खतरा है।
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ये लोग रहे मौजूद
सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, डीडीओ केएन तिवारी, सीएमओ एसके शाह, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, एपीडी डीआरडीए शिल्पी पंत, ईई यूपीसीएल भास्करानंद पांडेय, लोनिवि कपकोट संजय पांडे, सीईओ पदमेंद्र सकलानी, मुख्य कृषि बीपी मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा आदि थे।
दिव्यांग दीपांश के परिजनों ने लगाई गुहार
बागेश्वर। गरुड़ के ग्राम मल्ला रामपुर निवासी नवीन नाथ जनसुनवाई में अपने सात वर्षीय पुत्र दीपांश को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दीपांश के पीठ पर कूबड़ है। अल्मोड़ा में उपचार के बाद डॉक्टरों ने दीपांश को दिल्ली या देहरादून में दिखाने को कहा है। बताया कि आर्थिक रूप से अक्षम होने के कारण वह बेटे का सही उपचार नहीं करा पा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बताया कि दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त उनका आवासीय भवन भी नहीं बन सका है। मामले में डीएम ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष समेत सभी विकल्पों से समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया।
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कार्यक्रम में लोगों ने कपकोट के भनार में संचार व्यवस्था सुधारने के लिए मोबाइल टावर लगाने की मांग की। उन्होंने नौकाना भनार से बसोरा भनार, डानाटिकटा मोटर मार्ग भी बनवाने को भी कहा। डीएम ने विभागीय अधिकारियों से समस्याएं सुलझाकर इसकी सूचना संबंधित पक्षों को भी देने, पूरा बजट खर्च करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करवाने को कहा। बताया कि दैवी आपदा से विभागीय संपत्ति को हो रही क्षति भी अभिलेखों में दर्ज कराई जानी चाहिए।
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इन्होंने भी रखीं समस्याएं
ग्राम बजीना निवासी बहादुर राम ने बताया कि लोनिवि के माध्यम से हुए सड़क निर्माण के दौरान उनके मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम कुलाऊं निवासी शेर सिंह निवासी ने पड़ोसियों पर उनकी सिंचित खेती का पानी रोकने का आरोप लगाया। ग्राम जार्ती निवासी चंचल सिंह ने बताया कि बैड़ामझेड़ा से आ रही सड़क से गांव के 10 परिवारों को भूस्खलन का खतरा है।
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ये लोग रहे मौजूद
सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, डीडीओ केएन तिवारी, सीएमओ एसके शाह, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, एपीडी डीआरडीए शिल्पी पंत, ईई यूपीसीएल भास्करानंद पांडेय, लोनिवि कपकोट संजय पांडे, सीईओ पदमेंद्र सकलानी, मुख्य कृषि बीपी मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा आदि थे।
दिव्यांग दीपांश के परिजनों ने लगाई गुहार
बागेश्वर। गरुड़ के ग्राम मल्ला रामपुर निवासी नवीन नाथ जनसुनवाई में अपने सात वर्षीय पुत्र दीपांश को लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दीपांश के पीठ पर कूबड़ है। अल्मोड़ा में उपचार के बाद डॉक्टरों ने दीपांश को दिल्ली या देहरादून में दिखाने को कहा है। बताया कि आर्थिक रूप से अक्षम होने के कारण वह बेटे का सही उपचार नहीं करा पा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बताया कि दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त उनका आवासीय भवन भी नहीं बन सका है। मामले में डीएम ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष समेत सभी विकल्पों से समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया।