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सीमांत गांवों में जंगली सुअरों का आतंक, चौपट कर रहे फसल
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बागेश्वर। सीमांत गांवों में जंगली सुअरों ने आतंक से ग्रामीण परेशान है। जंगली सुअरों ने सैकड़ों नाली जमीन में लगी फसल बर्बाद कर दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सुअरों से फसल बचाने की मांग की है।
सीमांत गांव गोगिना, पंत क्वैराली, बिलखेत, गैराड़, फल्याटी, नरगड़ा, सुल्टुई, देवतोली, खाती गांव, नरगोली, गडेरा, सेहरी, जाखनी, भंतोला, जारती, मंगोली, बास्ती, श्रृंगाड़ आदि गांवों में खेती होती है। काश्तकारों ने इन दिनों गेहूं, प्याज, मसूर आदि फसलें बो रखी हैं। जंगल से सटे इन गांवों में जंगली सुअरों की टोली पहुंच जा रही है।
सुअर खेतों को खोदकर फसल बर्बाद कर रहे हैं। इन काश्तकारों की खेतीबाड़ी ही आय का जरिया है। किसानों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीण किशोर नरुला समेत कई लोगों ने बताया कि आए दिन सुअर फसल नष्ट कर देते हैं। वन, प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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सीमांत गांव गोगिना, पंत क्वैराली, बिलखेत, गैराड़, फल्याटी, नरगड़ा, सुल्टुई, देवतोली, खाती गांव, नरगोली, गडेरा, सेहरी, जाखनी, भंतोला, जारती, मंगोली, बास्ती, श्रृंगाड़ आदि गांवों में खेती होती है। काश्तकारों ने इन दिनों गेहूं, प्याज, मसूर आदि फसलें बो रखी हैं। जंगल से सटे इन गांवों में जंगली सुअरों की टोली पहुंच जा रही है।
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सुअर खेतों को खोदकर फसल बर्बाद कर रहे हैं। इन काश्तकारों की खेतीबाड़ी ही आय का जरिया है। किसानों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीण किशोर नरुला समेत कई लोगों ने बताया कि आए दिन सुअर फसल नष्ट कर देते हैं। वन, प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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