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सांसद गांव का प्राथमिक स्कूल एकल तो इंटर कालेज पांच शिक्षकों के भरोसे
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:25 AM IST
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बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। गांव का प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षक तो राजकीय इंटर कॉलेज पांच शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। आदर्श गांव बनने के बाद भी शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार न होने से लोग स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
तीन वर्ष पहले सांसद के रूप में केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने सूपी गांव को गोद लिया था। तब लोगों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन तीन साल बाद भी गांव के प्राथमिक से इंटर तक के स्कूल, कॉलेज में शिक्षा की हालत खराब है। गांव का प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित है। पांच कक्षाओं के 52 बच्चों को एकमात्र शिक्षक कैसे पढ़ाते होंगे, यह चिंताजनक है। यही हाल 450 की छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज का भी है। एलटी में मात्र तीन शिक्षक तो इंटर में केवल गणित विषय के एकमात्र प्रवक्ता तैनात हैं। प्रधानाचार्य का पद 12 वर्ष से खाली है। ऐसे में सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य दुष्प्रभावित हो रहा है।
- इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सहित एलटी शिक्षक, प्रवक्ताओं के अधिकतर पद खाली हैं। छात्र-छात्राओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सांसद आदर्श गांव बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है।
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- गोविंद सिंह टाकुली, पीटीए अध्यक्ष, सूपी (बागेश्वर)
जंगल में मैदान, खेतों में होते हैं खेलकूद
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी में खेलने के लिए एक मैदान तक नहीं है। आदर्श गांव घोषित होने के बाद मल्ला सूपी गांव के ऊपर जंगल में एक छोटा सा मैदान बनाया गया। मैदान के जंगल में होने से युवक, बच्चे खेलने के लिए वहां नहीं जाते हैं। उबड़-खाबड़ मैदान के बजाय बच्चे खेतों में क्रिकेट सहित अन्य खेलकूद करते हैं। चंदन सिंह टाकुली, हरीश कुमार, लोकपाल आदि युवाओं ने बताया कि खेल मैदान सुविधाजनक स्थान पर बनाने से सभी तोकों के युवाओं, बच्चों को सुविधा मिलती।
मछलियों को खा गए मेंढक, तालाब में उगे उतीस के पौधे
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी में स्वरोजगार के लिए छह से अधिक ग्रामीणों को मछली के तालाब के लिए राशि दिलाई गई। इनमें से ज्यादातर तालाब अब सूख चुके हैं। ग्रामीण चामू सिंह के तालाब की मछलियां मेंढक खा गए। अब तालाब सूख गया है और इसमें उतीस के पौधे उगे हैं। चामू सिंह ने बताया कि पहले विभाग ने मछली के बीज दिलाए थे लेकिन तब से कोई विभागीय अधिकारी देखने नहीं आया।
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तीन वर्ष पहले सांसद के रूप में केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने सूपी गांव को गोद लिया था। तब लोगों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन तीन साल बाद भी गांव के प्राथमिक से इंटर तक के स्कूल, कॉलेज में शिक्षा की हालत खराब है। गांव का प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित है। पांच कक्षाओं के 52 बच्चों को एकमात्र शिक्षक कैसे पढ़ाते होंगे, यह चिंताजनक है। यही हाल 450 की छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज का भी है। एलटी में मात्र तीन शिक्षक तो इंटर में केवल गणित विषय के एकमात्र प्रवक्ता तैनात हैं। प्रधानाचार्य का पद 12 वर्ष से खाली है। ऐसे में सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य दुष्प्रभावित हो रहा है।
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- इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सहित एलटी शिक्षक, प्रवक्ताओं के अधिकतर पद खाली हैं। छात्र-छात्राओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सांसद आदर्श गांव बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है।
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- गोविंद सिंह टाकुली, पीटीए अध्यक्ष, सूपी (बागेश्वर)
जंगल में मैदान, खेतों में होते हैं खेलकूद
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी में खेलने के लिए एक मैदान तक नहीं है। आदर्श गांव घोषित होने के बाद मल्ला सूपी गांव के ऊपर जंगल में एक छोटा सा मैदान बनाया गया। मैदान के जंगल में होने से युवक, बच्चे खेलने के लिए वहां नहीं जाते हैं। उबड़-खाबड़ मैदान के बजाय बच्चे खेतों में क्रिकेट सहित अन्य खेलकूद करते हैं। चंदन सिंह टाकुली, हरीश कुमार, लोकपाल आदि युवाओं ने बताया कि खेल मैदान सुविधाजनक स्थान पर बनाने से सभी तोकों के युवाओं, बच्चों को सुविधा मिलती।
मछलियों को खा गए मेंढक, तालाब में उगे उतीस के पौधे
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी में स्वरोजगार के लिए छह से अधिक ग्रामीणों को मछली के तालाब के लिए राशि दिलाई गई। इनमें से ज्यादातर तालाब अब सूख चुके हैं। ग्रामीण चामू सिंह के तालाब की मछलियां मेंढक खा गए। अब तालाब सूख गया है और इसमें उतीस के पौधे उगे हैं। चामू सिंह ने बताया कि पहले विभाग ने मछली के बीज दिलाए थे लेकिन तब से कोई विभागीय अधिकारी देखने नहीं आया।