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सिगनल के लिए घनचक्कर बन गए लोग
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:22 PM IST
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मोबाइल टॉवर
बागेश्वर। सूचना क्रांति के तमाम दावों के बावजूद भी लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कपकोट ब्लॉक के कई गांवों में आज भी सिगनल न होने से लोगों के मोबाइल शोपीस बने हुए हैं। लोगों ने सरकार से क्षेत्र में बीएसएनएल के टॉवर लगवाने की मांग की है।
कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के अंतिम गांव बोरबलड़ा, कुंवारी, माजखेतघाटी, कनलगढ़घाटी, पल्ला कमस्यार, धूराफाट लाहुरघाटी आदि में किसी भी कंपनी का मोबाइल टॉवर नहीं लगा है। इसके चलते इन क्षेत्रों में मोबाइल के सिगनल नहीं आते हैं।
लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए दो से चार किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि इंटरनेट सेवा भी नहीं होने से कई स्कूलों में रखे कंप्यूटर भी शोपीस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री से गांवों को दूर संचार सेवा उपलब्ध कराने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के अंतिम गांव बोरबलड़ा, कुंवारी, माजखेतघाटी, कनलगढ़घाटी, पल्ला कमस्यार, धूराफाट लाहुरघाटी आदि में किसी भी कंपनी का मोबाइल टॉवर नहीं लगा है। इसके चलते इन क्षेत्रों में मोबाइल के सिगनल नहीं आते हैं।
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लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए दो से चार किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि इंटरनेट सेवा भी नहीं होने से कई स्कूलों में रखे कंप्यूटर भी शोपीस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री से गांवों को दूर संचार सेवा उपलब्ध कराने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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