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स्वास्थ्य, शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:21 PM IST
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बागेश्वर। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। स्वास्थ्य और शिक्षा को व्यापार का हिस्सा बना दिया गया है। प्रदेश की कमान नौकरशाहों के हाथ में दे दी गई है। भाजपा भी कांग्रेस की नीतियों पर ही चल रही है।
यहां शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में तिवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। पहाड़ के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं।
सरकार की नीतियों के कारण यह जरूरतें व्यापार का हिस्सा बन चुकी हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग पलायन कर रहे हैं। शराब के खिलाफ आंदोलन करने वालों पर कार्रवाई की गई। मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपदा प्रभावित 400 परिवारों के पुनर्वास की कोई योजना सरकार नहीं बना पाई है।
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पंचेश्वर जैसे बड़े बांध से यह समस्याएं और बढ़ेंगी। तिवारी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों गैरसैंण राजधानी के मुद्दे पर जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने बिना जन सुनवाई के गांवों को नगर पालिका में मिलाने को गैर कानूनी बताया। उन्होंने विकास प्राधिकरण का विरोध करने की बात कही। उनके साथ आंदोलनकारी महेश पांडेय, एनबी भट्ट आदि थे।
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यहां शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में तिवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। पहाड़ के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं।
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सरकार की नीतियों के कारण यह जरूरतें व्यापार का हिस्सा बन चुकी हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग पलायन कर रहे हैं। शराब के खिलाफ आंदोलन करने वालों पर कार्रवाई की गई। मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपदा प्रभावित 400 परिवारों के पुनर्वास की कोई योजना सरकार नहीं बना पाई है।
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पंचेश्वर जैसे बड़े बांध से यह समस्याएं और बढ़ेंगी। तिवारी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों गैरसैंण राजधानी के मुद्दे पर जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने बिना जन सुनवाई के गांवों को नगर पालिका में मिलाने को गैर कानूनी बताया। उन्होंने विकास प्राधिकरण का विरोध करने की बात कही। उनके साथ आंदोलनकारी महेश पांडेय, एनबी भट्ट आदि थे।