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प्रधानाचार्य और शिक्षक न होने से 280 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:24 PM IST
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बागेश्वर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पदम सिंह डसीला स्मारक राइंका देवतोली में लंबे समय से प्रधानाचार्य और शिक्षकों का टोटा बना है। इससे यहां के पंजीकृत 280 बच्चों का भविष्य अधर में है। क्षेत्र के लोगों ने शासन और मुख्य शिक्षा अधिकारी से जल्द ही खाली पदों में तैनाती करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
कमस्यारघाटी के करीब 20 ग्राम पंचायतों के बच्चे राइंका देवतोली में पढ़ते हैं। यहां प्रधानाचार्य का पद वर्ष 2012 से खाली पड़ा है। विद्यालय में हिंदी, इतिहास, भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषय के प्रवक्ता जबकि एलटी में हिंदी द्वितीय, गृह विज्ञान और पीटीआई के पद लंबे समय खाली हैं। लिपिक के तीनों पद भी काफी समय से खाली हैं। बचे खुचे शिक्षक ही लिपिक का काम कर रहे हैं।
कंप्यूटर के इस दौर में बच्चों को इस विषय की शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। चेतावनी देने वालों में अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष महेश राठौर, नरेंद्र भौर्याल, हरीश पंत, रमेश राम, महेश राम, पूरन भौर्याल आदि शामिल हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य गणेश गोस्वामी ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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कमस्यारघाटी के करीब 20 ग्राम पंचायतों के बच्चे राइंका देवतोली में पढ़ते हैं। यहां प्रधानाचार्य का पद वर्ष 2012 से खाली पड़ा है। विद्यालय में हिंदी, इतिहास, भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषय के प्रवक्ता जबकि एलटी में हिंदी द्वितीय, गृह विज्ञान और पीटीआई के पद लंबे समय खाली हैं। लिपिक के तीनों पद भी काफी समय से खाली हैं। बचे खुचे शिक्षक ही लिपिक का काम कर रहे हैं।
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कंप्यूटर के इस दौर में बच्चों को इस विषय की शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। चेतावनी देने वालों में अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष महेश राठौर, नरेंद्र भौर्याल, हरीश पंत, रमेश राम, महेश राम, पूरन भौर्याल आदि शामिल हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य गणेश गोस्वामी ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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