{"_id":"5a1ef1ea4f1c1b7a548c0211","slug":"201511977450-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उसै छन सार वो सवाल, है गेई उतराखंड का सत्रह साल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उसै छन सार वो सवाल, है गेई उतराखंड का सत्रह साल
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। प्रकटेश्वर सृजन मंच की ओर से कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। गोल्डन वैली पब्लिक स्कूल के सभागार में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी भावनाओं को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
दीप पांडे की अध्यक्षता में आयोजित काव्य सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए डॉ. केवलानंद कांडपाल ने विकास पर कटाक्ष किया। उन्होंने विकास हौल, विकास हौल नेता ज्यंनकि भविष्यवाणि... पेश की। जगदीश दफौटी ने जी रया जागि रया नौ नवंबर भेटनै रया... सुनाकर राज्य स्थापना दिवस को याद किया।
विनोद प्रकाश ने गुजर जाते हैं हर पल, दुख के हो या सुख के... सुनाकर जीवन दर्शन पर कविता पेश की। वहीं डॉ. कुंदन सिंह रावत ने उजालों से भागता रहा हूं, जुगनू तारों से डरता हूं...., दीप पांडे ने जगमग-जगमग दीप जले हैं, मन मंदिर के फूल खिले हैं... की प्रस्तुति दी। डॉ. राजीव जोशी ने दिन रात यहां हमने रो-रो के गुजारे हैं कविता सुनाई।
विज्ञापन
कार्यक्रम के समापन करते हुए प्रशांत पांडे ने आज का उसै छन सार वो सवाल, है गेई उत्तराखंड का सत्रह साल सुनाकर राज्य के हालात पर सवाल उठाए। वहां डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, केशवानंद जोशी, संजय गुरुरानी, गणेश पाठक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दीप पांडे की अध्यक्षता में आयोजित काव्य सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए डॉ. केवलानंद कांडपाल ने विकास पर कटाक्ष किया। उन्होंने विकास हौल, विकास हौल नेता ज्यंनकि भविष्यवाणि... पेश की। जगदीश दफौटी ने जी रया जागि रया नौ नवंबर भेटनै रया... सुनाकर राज्य स्थापना दिवस को याद किया।
विज्ञापन
विनोद प्रकाश ने गुजर जाते हैं हर पल, दुख के हो या सुख के... सुनाकर जीवन दर्शन पर कविता पेश की। वहीं डॉ. कुंदन सिंह रावत ने उजालों से भागता रहा हूं, जुगनू तारों से डरता हूं...., दीप पांडे ने जगमग-जगमग दीप जले हैं, मन मंदिर के फूल खिले हैं... की प्रस्तुति दी। डॉ. राजीव जोशी ने दिन रात यहां हमने रो-रो के गुजारे हैं कविता सुनाई।
विज्ञापन
कार्यक्रम के समापन करते हुए प्रशांत पांडे ने आज का उसै छन सार वो सवाल, है गेई उत्तराखंड का सत्रह साल सुनाकर राज्य के हालात पर सवाल उठाए। वहां डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, केशवानंद जोशी, संजय गुरुरानी, गणेश पाठक आदि मौजूद रहे।