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सीमाओं की सुरक्षा चौकस रखने में रेल लाइन की भूमिका अहम
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:26 PM IST
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बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की मांग को लेकर क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। सभा में वक्ताओं ने कहा कि इस लंबित मांग के पूरी होने पर ही सीमाओं की सुरक्षा चौकस रहेगी। क्रमिक अनशन में मंगलवार को आनंद बल्लभ तिवारी और विष्णु सिंह परिहार बैठे।
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में वक्ताओं ने कहा कि चीन ने हमारे देश की सीमा के करीब 17 हजार मीटर की ऊंचाई पर ल्हासा तक रेल पहुंचा दी है मगर हमारे देश के अंतिम छोर तक सड़क तक नहीं बन सकी है। उन्होंने रेल लाइन को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से बगैर समय गवाए इस लंबित मांग को शीघ्र पूूरा करने को कहा। संचालन महासचिव खड़क राम आर्य ने किया। वहां दिनेश लोहनी, केवल ड्योड़ी, लक्ष्मण सिंह, कमलाकांत मिश्रा, पूरन असवाल, निशा, नरेंद्र रावत, डीआर रावत आदि थे।
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संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में वक्ताओं ने कहा कि चीन ने हमारे देश की सीमा के करीब 17 हजार मीटर की ऊंचाई पर ल्हासा तक रेल पहुंचा दी है मगर हमारे देश के अंतिम छोर तक सड़क तक नहीं बन सकी है। उन्होंने रेल लाइन को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से बगैर समय गवाए इस लंबित मांग को शीघ्र पूूरा करने को कहा। संचालन महासचिव खड़क राम आर्य ने किया। वहां दिनेश लोहनी, केवल ड्योड़ी, लक्ष्मण सिंह, कमलाकांत मिश्रा, पूरन असवाल, निशा, नरेंद्र रावत, डीआर रावत आदि थे।
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