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बास्ती से छह मरीज फिर जिला अस्पताल में भर्ती
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:08 AM IST
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बागेश्वर। बास्ती गांव के पांच और गडेरा के एक ग्रामीण की तबीयत फिर बिगड़ने पर उन्हें बुधवार को जिला अस्पताल भर्ती किया गया। मरीजों ने बताया कि उन्हें पेट दर्द के बाद उल्टी आने की शिकायत हो रही है। उन्हें संदेह है कि विषाक्त भोजन के चलते ही ऐसा हो रहा है। हालांकि प्रशासन बुधवार को आए मरीजों में विषाक्त भोजन के लक्षण मानने से इनकार कर रहा है।
इन्हें कराया गया भर्ती : आरती पुत्री किशन सिंह मेहरा (बास्ती), खड़क सिंह पुत्र केदार सिंह (बास्ती), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह (बास्ती), गौरव सिंह पुत्र भूपाल सिंह (बास्ती), सोहानी पुत्री प्रेम सिंह(बास्ती), दीवान सिंह निवासी गडेरा
मरीजों को भर्ती करने को लेकर बहस
बागेश्वर। बुधवार को जिला अस्पताल में तीमारदारों की डॉक्टरों के साथ मरीजों को भर्ती कराने को लेकर बहस हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि मरीज विषाक्त भोजन से पीड़ित हैं, लेकिन डॉक्टर उन्हें विषाक्त भोजन के मरीज मानने से इनकार कर रहा थे। इसी बात को लेकर काफी देर तक मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों में बहस होती रही। काफी देर बाद मरीजों को भर्ती किया गया।
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सनगाड़ से नौ मरीज चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना
धरमघर। विषाक्त भोजन के नौ मरीज बुधवार को चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना हुए। बताया कि मरीजों की फिर से तबियत खराब हो रही थी। इन सभी मरीजों को कांडा अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। इधर प्रशासन ने बताया कि कई मरीज भ्रम के चलते हायर सेंटर चेकअप के लिए जा रहे हैं।
हल्द्वानी गए मरीज : रूपा देवी पत्नी दिनेश सिंह (सनगाड़), लीला देवी पत्नी गोपाल सिंह(सनगाड़), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह बास्ती, देवकी देवी पत्नी आन सिंह(सनगाड़), चंपा देवी पत्नी दरवान सिंह (सनगाड़), नेहा पुत्री रमेश सिंह (बास्ती), अर्जुन सिंह पुत्र खीम सिंह (सनगाड़), करम सिंह पुत्र हयात सिंह (सनगाड़), हंसी देवी पत्नी उमेद सिंह (सनगाड़)
बास्ती, सनगाड़ और गडेरा में अब स्थिति सामान्य है। किसी भी मरीज में अब विषाक्त भोजन के लक्षण नहीं हैं। कुछ लोग अब मन के वहम को दूर करने के लिए दोबारा चेकअप के लिए हायर सेंटर जा रहे होंगे लेकिन गांवों में स्थिति ठीक है। - डॉ. जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर।
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इन्हें कराया गया भर्ती : आरती पुत्री किशन सिंह मेहरा (बास्ती), खड़क सिंह पुत्र केदार सिंह (बास्ती), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह (बास्ती), गौरव सिंह पुत्र भूपाल सिंह (बास्ती), सोहानी पुत्री प्रेम सिंह(बास्ती), दीवान सिंह निवासी गडेरा
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मरीजों को भर्ती करने को लेकर बहस
बागेश्वर। बुधवार को जिला अस्पताल में तीमारदारों की डॉक्टरों के साथ मरीजों को भर्ती कराने को लेकर बहस हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि मरीज विषाक्त भोजन से पीड़ित हैं, लेकिन डॉक्टर उन्हें विषाक्त भोजन के मरीज मानने से इनकार कर रहा थे। इसी बात को लेकर काफी देर तक मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों में बहस होती रही। काफी देर बाद मरीजों को भर्ती किया गया।
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सनगाड़ से नौ मरीज चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना
धरमघर। विषाक्त भोजन के नौ मरीज बुधवार को चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना हुए। बताया कि मरीजों की फिर से तबियत खराब हो रही थी। इन सभी मरीजों को कांडा अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। इधर प्रशासन ने बताया कि कई मरीज भ्रम के चलते हायर सेंटर चेकअप के लिए जा रहे हैं।
हल्द्वानी गए मरीज : रूपा देवी पत्नी दिनेश सिंह (सनगाड़), लीला देवी पत्नी गोपाल सिंह(सनगाड़), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह बास्ती, देवकी देवी पत्नी आन सिंह(सनगाड़), चंपा देवी पत्नी दरवान सिंह (सनगाड़), नेहा पुत्री रमेश सिंह (बास्ती), अर्जुन सिंह पुत्र खीम सिंह (सनगाड़), करम सिंह पुत्र हयात सिंह (सनगाड़), हंसी देवी पत्नी उमेद सिंह (सनगाड़)
बास्ती, सनगाड़ और गडेरा में अब स्थिति सामान्य है। किसी भी मरीज में अब विषाक्त भोजन के लक्षण नहीं हैं। कुछ लोग अब मन के वहम को दूर करने के लिए दोबारा चेकअप के लिए हायर सेंटर जा रहे होंगे लेकिन गांवों में स्थिति ठीक है। - डॉ. जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर।