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सिंचाई के अभाव में बंजर होने की कगार पर है भूमि
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:22 PM IST
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बागेश्वर। बरसात में ध्वस्त सिंचाई गूलों का सुधार नहीं होने से गांव की 200 नाली भूमि बंजर होने की कगार पर है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र धनराशि स्वीकृत कर क्षतिग्रस्त सिंचाई गूलों का सुधार करने की मांग की है।
खौलसीर के क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल दत्त भट्ट ने बताया कि बरसात में विसालीखेत और अगेशखेत की सिंचाई गूलें ध्वस्त हो गईं थीं। इसकी जानकारी प्रशासन को देने के बाद भी अभी तक सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया है। इससे गांव के काश्तकारों की 200 नाली खेती की जमीन बंजर होने की कगार पर है।
अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं, यदि शीघ्र सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया तो अनाज और शाक-सब्जी का उत्पादन नहीं होने से गरीब काश्तकारों को गुजर-बसर करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के काश्तकारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सिंचाई गूल के लिए धन राशि स्वीकृत करने की मांग की है। कहा कि यदि शीघ्र सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया तो काश्तकार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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खौलसीर के क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल दत्त भट्ट ने बताया कि बरसात में विसालीखेत और अगेशखेत की सिंचाई गूलें ध्वस्त हो गईं थीं। इसकी जानकारी प्रशासन को देने के बाद भी अभी तक सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया है। इससे गांव के काश्तकारों की 200 नाली खेती की जमीन बंजर होने की कगार पर है।
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अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं, यदि शीघ्र सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया तो अनाज और शाक-सब्जी का उत्पादन नहीं होने से गरीब काश्तकारों को गुजर-बसर करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के काश्तकारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सिंचाई गूल के लिए धन राशि स्वीकृत करने की मांग की है। कहा कि यदि शीघ्र सिंचाई गूलों का सुधार नहीं किया गया तो काश्तकार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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